सेठी कॉम्प्लेक्स अग्निकांड ने खोली अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की पोल, व्यापार महासंघ ने की स्थायी फायर सिस्टम, सुरक्षा व्यवस्था एवं प्रभावित व्यापारियों को मुआवजे की मांग
प्रभावी अग्निशमन व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग
जयपुर। त्रिपोलिया बाजार स्थित पुरोहित जी का कटला के सेठी कॉम्प्लेक्स में गुरुवार को अल सुबह हुई भीषण आग की घटना पर जयपुर व्यापार महासंघ ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए प्रशासन एवं नगर निगम से तत्काल प्रभाव से स्थायी और प्रभावी अग्निशमन व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
आज सुबह लगी आग ने देखते ही देखते अनेक दुकानों एवं गोदामों को अपनी चपेट में ले लिया। कपड़े, प्लास्टिक, चूड़ी एवं अन्य ज्वलनशील सामान होने के कारण आग तेजी से फैली तथा संकरी गलियों के कारण दमकल एवं राहत-बचाव कार्य में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। करीब 20 से अधिक दुकानें एवं गोदाम प्रभावित हुए हैं।
जयपुर व्यापार महासंघ के अध्यक्ष सुभाष गोयल एवं महामंत्री सुरेश सैनी ने कहा कि यह घटना केवल एक आग की घटना नहीं, बल्कि पुराने शहर के अत्यंत संवेदनशील एवं घनी आबादी वाले बाजारों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर स्थिति की ओर ध्यान आकर्षित करती है।
महासंघ के महामंत्री सुरेश सैनी ने कहा कि पुरोहित जी के कटला एवं आसपास के कपड़ा बाजार की संकरी गलियों को देखते हुए यहां लंबे समय से स्थायी अग्निशमन व्यवस्था की मांग की जाती रही है। व्यापारियों की ओर से पूर्व में नगर निगम एवं संबंधित विभागों के समक्ष इस संबंध में कई बार ध्यान आकर्षित कराया गया था। यहां फायर लाइन बिछाने का कार्य भी किया गया, लेकिन व्यापारियों के अनुसार लंबे समय से वह व्यवस्था प्रभावी रूप से चालू नहीं हो सकी है।
महासंघ ने सवाल उठाया कि जब व्यापारियों एवं दुकानदारों से विभिन्न प्रकार के यूजर चार्ज एवं अन्य कर नियमित रूप से लिए जाते हैं, तो बाजारों में मूलभूत नागरिक एवं आपातकालीन सुविधाएं उपलब्ध कराना संबंधित निकायों की जिम्मेदारी भी है। इतने संवेदनशील बाजार में ऐसी व्यवस्था केवल कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उसकी नियमित जांच और संचालन सुनिश्चित होना चाहिए।
जयपुर व्यापार महासंघ की प्रमुख मांगें :
1. पुरोहित जी के कटला, सेठी कॉम्प्लेक्स एवं आसपास के बाजार क्षेत्र में तत्काल स्थायी फायर हाइड्रेंट एवं पर्याप्त पानी की फायर लाइन चालू की जाए।
2. पहले से बिछाई गई फायर लाइन की तकनीकी जांच कर उसे तत्काल प्रभाव से चालू कराया जाए तथा पानी का पर्याप्त प्रेशर सुनिश्चित किया जाए।
3. संकरी गलियों को देखते हुए यहां फायर ब्रिगेड की छोटी एवं विशेष अग्निशमन गाड़ियों/उपकरणों की स्थायी व्यवस्था की जाए।
4. बाजार में लगे सभी फायर हाइड्रेंट, वाल्व, पाइपलाइन, पानी के स्रोत एवं अन्य अग्निशमन उपकरणों का तत्काल फायर ऑडिट कराया जाए।
5. बाजार में मौजूद अतिक्रमण एवं रास्तों में रखे सामान को हटाकर आपातकालीन मार्ग हमेशा खुला रखा जाए, ताकि भविष्य में दमकल की गाड़ियां समय पर घटनास्थल तक पहुंच सकें।
6. सभी पुराने एवं संवेदनशील बाजारों में नियमित फायर सेफ्टी निरीक्षण एवं मॉक ड्रिल कराई जाए।
7. जिन व्यापारियों की दुकानें एवं माल इस अग्निकांड में प्रभावित हुए हैं, उनका तत्काल सर्वे एवं नुकसान का आकलन कराकर उचित आर्थिक सहायता/मुआवजा उपलब्ध कराया जाए।
8. आग लगने के कारणों एवं अग्निशमन व्यवस्था में रही कमियों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और जहां लापरवाही सामने आए, वहां जिम्मेदारी तय की जाए।
9. पुराने शहर के सभी प्रमुख बाजारों का संयुक्त फायर सेफ्टी ऑडिट कराया जाए, ताकि पुरोहित जी का कटला जैसी घटना दोबारा न हो।
जयपुर व्यापार महासंघ ने कहा कि व्यापारियों से केवल कर एवं शुल्क लेना पर्याप्त नहीं है। उनकी जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी स्थानीय प्रशासन एवं नगर निगम की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
महासंघ के महामंत्री सुरेशबसैनी ने प्रशासन से मांग की है कि इस घटना को गंभीर चेतावनी मानते हुए जयपुर के परकोटा क्षेत्र के सभी संवेदनशील बाजारों के लिए एक व्यापक फायर सेफ्टी प्लान बनाया जाए और उसकी समयबद्ध क्रियान्विति सुनिश्चित की जाए।
इस दौरान मौके पर सांसद मंजू शर्मा, जयपुर व्यापार महासंघ के महामंत्री सुरेश सैनी उपाध्यक्ष नीरज लुहाड़िया, सहित अनेक व्यापारी एवं स्थानीय प्रतिनिधि उपस्थित रहे और राहत एवं सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।

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