आरयू एच एस में अंगदान दिवस पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित, राज्यपाल बोले- अंगदान मानवता की सबसे बड़ी सेवा, समाज से डर मिटाना होगा
समाज में अंगदान से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने का आह्वान
जयपुर। राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा कि अंगदान मानवता के लिए अपने आपको समर्पण करने से जुड़ा महादान है। उन्होंने कहा कि अंगदान की सबसे बड़ी बाधा मनुष्य के भीतर का डर है। इसे भगाने और इस सम्बन्ध में लोगों को प्रेरित किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने समाज में अंगदान से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने का आह्वान किया है। राज्यपाल बागडे सोमवार को राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय में अंगदान जागरूकता कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हमारे देश में किडनी का सफल प्रत्यारोपण एक दिसम्बर 1971 को तमिलनाडु में हुआ।
उन्होंने इतने वर्ष पहले अंग प्रत्यारोपण होने के बावजूद अंगदान के प्रति जागरूकता नहीं होने पर चिंता जताई और कहा कि अंगदान दिवस मनाने की बजाय इसे एक आंदोलन मानकर क्रियान्वित किया जाए। राज्यपाल ने अंगदान के साथ स्वास्थ्य जागरूकता के लिए भी अभियान चलाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हम घर में एक दिन पहले बनी रोटी नहीं खाते परन्तु बाजार से पुरानी बनी ब्रेड खरीदकर खा लेते हैं। उन्होंने खान पान की आदतों में सुधार किए जाने और व्यसन मुक्त समाज के निर्माण पर जोर दिया। राज्यपाल ने आरम्भ में उन सभी महान आत्माओं को भी श्रद्धांजलि अर्पित की जिन्होंने अपना अंग दान कर दूसरों को नया जीवन दिया है। उन्होंने सभी को अंगदान की शपथ भी दिलाई।

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