प्रदेश की धरोहरों का बढ़ा आकर्षण, पांच माह में 31 लाख पर्यटकों ने किया दीदार
49 करोड़ 13 लाख 34 हजार से अधिक का प्राप्त हुआ राजस्व
जयपुर। पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग के अधीन प्रदेश में 46 ऐसे संरक्षित स्मारक, संग्रहालय और किले-महल हैं, जहां पर्यटकों का प्रवेश शुल्क लगता है। यहां पर्यटकों की अच्छी आवक दर्ज की गई है। विभाग से मिले आंकड़ों के अनुसार 46 में से 41 स्मारकों और संग्रहालयों में जनवरी से मई तक इन पांच माह के दौरान 30 लाख 90 हजार 676 देशी और विदेशी पर्यटकों की उपस्थिति दर्ज की गई। इससे विभाग को 49 करोड़ 13 लाख 34 हजार 235 रुपए राजस्व प्राप्त हुआ है। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार राजकीय संग्रहालय अलवर, आहड़ (उदयपुर), चित्तौड़गढ़, बीकानेर और माउंट आबू संग्रहालय रिनोवेशन कार्य के चलते ये अभी पर्यटकों के अवलोकनार्थ बंद हैं।
सबसे अधिक पर्यटकों ने देखा आमेर महल
पुरातत्व विभाग से मिले आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में सबसे अधिक पर्यटक आमेर महल देखने पहुंचे। यहां जनवरी से मई माह तक 7 लाख 90 हजार 684 पर्यटक आए। वहीं हवामहल में 6,54,166, जंतर-मंतर स्मारक में 5,84,802, अल्बर्ट हॉल संग्रहालय में 3,47,120 और नाहरगढ़ दुर्ग में 4,68,322 देशी और विदेशी पर्यटकों ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। इसके अतिरिक्त अन्य जिलों की बात करें अजमेर, भरतपुर, जोधपुर, सीकर सहित अन्य संग्रहालयों और स्मारकों में भी देशी और विदेशी पर्यटक आए।
पांच संग्रहालयोंं का हो रहा अपडेशन
विभाग के संरक्षित चार से पांच संग्रहालयों को अपडेशन किए जाने का कार्य किया जा रहा है। पांच माह में 30 लाख 90 हजार से अधिक पर्यटकों ने विभिन्न जिलों में स्थित स्मारक और संग्रहालयों का भ्रमण किया है।
-डॉ.पंकज धरेन्द्र, निदेशक, पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग
कई राज्यों से आ रहे पर्यटक
दिल्ली, मुम्बई, यूपी सहित अन्य राज्यों से पर्यटक जयपुर के पर्यटन स्थल देखने के लिए आ रहे हैं। गुलाबी नगरी आने वाले पर्यटक खासतौर पर आमेर महल जरूर देखने जाते हैं।
-संजय कौशिक, पर्यटन विशेषज्ञ

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