पर्यटन की परिभाषा बदली : अब फोटो नहीं एक्सपीरियंस चाहते हैं पर्यटक, क्रिएटर्स और यूथ के साथ मिलकर तय करेंगे राजस्थान पर्यटन का अगला कदम
हर जिले की अपनी पहचान
जयपुर। पर्यटन की बदलती तस्वीर में अब केवल स्मारकों पर जाकर फोटो खिंचवाना ही पर्यटकों की प्राथमिकता नहीं है। पर्यटक संस्कृति, खान-पान, ग्रामीण जीवन और स्थानीय परंपराओं को करीब से महसूस करना चाहते हैं। यही वजह है कि अब पर्यटन का फोकस एक्सपीरियंस टूरिज्म पर बढ़ रहा है। यह बात उपमुख्यमंत्री एवं पर्यटन मंत्री दिया कुमारी ने रविवार को विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित राजस्थान क्रिएटर्स कॉन्क्लेव 2026समारोह में कही। उन्होंने कहा कि ट्रैवल क्रिएटर्स और युवा यह बेहतर समझते हैं कि पर्यटकों को क्या पसंद आ रहा है। इसलिए सरकार इनके साथ मिलकर पर्यटन के नए अनुभव विकसित करेगी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण पर्यटन, होमस्टे, स्थानीय खान-पान, त्योहारों और जीवनशैली का अनुभव पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है।
हर जिले की अपनी पहचान :
दिया कुमारी ने कहा कि जयपुर के परकोटे से लेकर बाड़मेर, पुष्कर, जैसलमेर, जोधपुर और भरतपुर तक हर क्षेत्र की अपनी विशिष्ट पहचान है। कई खूबसूरत स्थल अभी पर्यटकों की पहुंच और जानकारी से दूर हैं। इन हिडन डेस्टिनेशन को प्रमोट कर स्थानीय रोजगार और अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। कॉन्क्लेव में देशभर के 100 से अधिक ट्रैवल ब्लॉगर्स, कंटेंट क्रिएटर्स, युवा और होटल इंडस्ट्री से जुड़े प्रतिनिधि शामिल हुए। क्रिएटर्स ने रील्स, नए पर्यटन अनुभव और अनछुए स्थलों के प्रचार पर सुझाव दिए। इस अवसर पर कला एवं संस्कृति, नए पर्यटन स्थल, ग्रामीण पर्यटन और अपरंपरागत पर्यटन अनुभवों में योगदान के लिए रामू रामदेव, देवांग अग्रवाल, कुलदीप चंदेला, अभिमन्यु सिंह और श्याम सुंदर पालीवाल को सम्मानित किया गया।

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