तेजिका-सिद्धार्थ से शुरू हुआ जयपुर में एशियाटिक शेरों का सफर : 2016 में गुजरात से आया था पहला जोड़ा, अब नाहरगढ़ में 6 शेर-शेरनियां
शावक शेरा को नियो नेटल केयर में मिला जीवन
जयपुर। जयपुर में प्योर एशियाटिक शेरों के सफर की शुरुआत वर्ष 2016 में हुई थी। गुजरात से जनवरी में शेरनी तेजिका और शेर सिद्धार्थ की जोड़ी को जयपुर चिड़ियाघर लाया गया। बाद में दोनों को नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में शिफ्ट किया गया। वर्ष 2017 में तेजिका ने तीन शावकों को जन्म दिया, जिनके नाम तेजस, त्रिपुर और तारा रखे गए। हालांकि, बीमारी के चलते तेजस की मौत हो गई, वहीं जनवरी 2018 में तारा की भी मृत्यु हो गई। वहीं, लेप्टोस्पायरोसिस से शेर सिद्धार्थ की भी मृत्यु हो गई थी।
नाहरगढ़ में अब 6 एशियाटिक लायन :
नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क प्रशासन के अनुसार वर्तमान में टाइगर सफारी और बायोलॉजिकल पार्क में कुल छह एशियाटिक शेर हैं। लायन सफारी में शेर शक्ति, शेरनी तारा और सृष्टि हैं, जबकि बायोलॉजिकल पार्क में शेर त्रिपुर और दुर्गा मौजूद हैं। वहीं तारा का शावक शेरा फिलहाल ऑफ डिस्प्ले रखा गया है और अक्टूबर में दो साल का हो जाएगा।
नियो नेटल केयर में पला शेरा :
शेरा को जन्म देने के बाद उसकी मां तारा ने उसे नहीं अपनाया। ऐसे में वरिष्ठ वन्यजीव चिकित्सक डॉ. अरविंद माथुर ने नियो नेटल केयर में उसकी देखभाल कर पालन-पोषण किया। अब शेरा करीब 17 माह का है।
नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क और लायन सफारी के प्रति पर्यटकों का रुझान लगातार बढ़ा है। यहां पर्यटकों को प्योर एशियाटिक लायन देखने का अवसर मिलता है।
-जितेंद्र सिंह शेखावत, एसीएफ, नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क

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