टीकाराम जूली ने बोला केंद्र सरकार पर हमला, कहा-किन शर्तों पर हुई ट्रेड डील, जनता के सामने आना चाहिए

ट्रेड डील की शर्तें सार्वजनिक हों: जूली

टीकाराम जूली ने बोला केंद्र सरकार पर हमला, कहा-किन शर्तों पर हुई ट्रेड डील, जनता के सामने आना चाहिए
जयपुर में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर सवाल उठाते हुए कहा शर्तें जनता के सामने आएं, दबाव में समझौते का आरोप लगाया।

जयपुर: भारत -अमेरिका ट्रेड डील पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सवाल उठाते हुए कहा कि किन शर्तों पर डील हुई है वो जनता के सामने आनी चाहिए।विधानसभा परिसर में मीडिया से बात करते हुए जूली ने कहा कि अमेरिका ने जो डील फाइनल करवाई है वो अपनी शर्तों पर करवाई है। अमेरिका और भारत में आयात निर्यात होता है और जो स्थिति अमेरिका के आयात की है अगर उस आधार पर ट्रेड डील हुई है तो उन बातों को पूरा होने में 20 वर्ष लगेंगे और इतने साल अमेरिका रुकने वाला नहीं है।

अमेरिका हमेशा से अपने देश का अनाज भारत में भेजना चाहता है जिसका भारत और भारत के किसान विरोध करते रहे हैं। हमें लगता है कि मोदी ने दबाव में कोई समझौता किया है और जो समझौते की शर्त है वो बाहर नहीं आ रही है। अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि भारत को वेनेजुएला से तेल खरीदना होगा और रूस से तेल लेना बंद करना होगा। अमेरिका ने मोदी को डरा कर हमारे ऊपर टैरिफ लगवाया और अब समझौता करवाया है।

अमेरिका बार-बार हम पर टैरिफ लगाने की धमकी देता है तो आखिर अब भारत सरकार को बताना चाहिए कि आखिर किस आधार पर डील हुई है और हम पर किस आधार पर 18 परसेंट टैरिफ किया गया है। भाजपा को बताना चाहिए कि डोनाल्ड ट्रंप जिस तरह से बार-बार नरेंद्र मोदी का कटाक्ष करते रहे हैं प्रधानमंत्री को नीचा दिखाने की कोशिश करते रहे। ऐसे में ट्रंप कह रहे हैं कि नरेंद्र मोदी मेरे दोस्त हैं, अगर नरेंद्र मोदी दोस्त थे तो फिर उन्हें अपने शपथ ग्रहण समारोह में क्यों नहीं बुलाया। यह सब दिखाता है कि बीजेपी घबराई हुई है और डर कर डील की है।

जूली ने शिक्षा और पंचायत राज मंत्री मदन दिलावर पर भी हमला बोलते हुए कहा कि शिक्षा मंत्री शिक्षा की बात नहीं करते हैं और सारी बातें करते हैं। राजस्थान में शिक्षा का स्तर बिगड़ा हुआ है हाई कोर्ट भी सरकार पर फटकार लगा चुका है। राजस्थान में 3768 स्कूलों के बिल्डिंग जर्जर है जिस पर एक रुपया भी खर्च नहीं हुआ है। 41हजार स्कूलों में से केवल 2 हजार  स्कूलों में ही मरम्मत के पैसे मंजूर किए गए हैं और अब शिक्षा मंत्री गोपालन की बात कर रहे हैं। प्रदेश में स्कूलों की स्थिति बहुत दयनीय है।

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