चंबल में अवैध रेत खनन रोकने के लिए 40 संवेदनशील स्थानों पर 200 होमगार्ड तैनात, 65 सीसीटीवी कैमरों से होगी निगरानी
जोजरी, बांडी और लूणी नदी प्रणाली में औद्योगिक प्रदूषण का मुद्दा भी उठा
जयपुर। राजस्थान में चंबल अभयारण्य में अवैध रेत खनन और जोजरी नदी के प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए राज्य सरकार ने निगरानी और कार्रवाई तेज कर दी है। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने नई दिल्ली में केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात कर नदी संरक्षण और सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों की अनुपालना में उठाए गए कदमों की जानकारी दी। मुख्य सचिव ने बताया कि राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य के 40 संवेदनशील स्थानों पर 200 बॉर्डर होमगार्ड तैनात किए गए हैं। निगरानी के लिए 65 सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं। जनवरी 2025 से जून 2026 तक अवैध रेत खनन और परिवहन के मामलों में 536 एफआईआर दर्ज कर 541 वाहन जब्त किए गए हैं।
बैठक में जोजरी, बांडी और लूणी नदी प्रणाली में औद्योगिक प्रदूषण का मुद्दा भी उठा। सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के तहत जोधपुर में साझा अपशिष्ट जल शोधन संयंत्र और इससे जुड़ी 306 वस्त्र उद्योग इकाइयों का संचालन बंद है। संयंत्र को शून्य तरल उत्सर्जन प्रणाली के अनुरूप उन्नत करने की योजना बनाई जा रही है। नदी प्रदूषण के स्थायी समाधान के लिए संशोधित कार्ययोजना भी उच्च स्तरीय समिति को सौंपी गई है।

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