नगर निगम जयपुर के 150 वार्डो की कलेक्टर ने निकाली आरक्षण लॉटरी : खत्म हुआ इंतजार, साफ हुई जयपुर के वार्डों की चुनावी तस्वीर
जिला कलेक्ट्रेट में निकाली गई वार्डों की लॉटरी
जयपुर। नगरीय निकाय आम चुनाव-2026 को लेकर जयपुर नगर निगम के 150 वार्डों के आरक्षण की तस्वीर अब पूरी तरह साफ हो गई है। सोमवार को जिला कलेक्ट्रेट सभागार में लॉटरी के माध्यम से वार्डों का आरक्षण निर्धारित किया गया। जिला कलेक्टर संदेश कुमार नायक की मौजूदगी में स्कूली छात्राओं से लॉटरी निकलवाई गई। इस दौरान विधायक कालीचरण सराफ, स्थानीय जनप्रतिनिधि और नगर निगम आयुक्त ओम कसेरा सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। लॉटरी प्रक्रिया के साथ ही लंबे समय से आरक्षण को लेकर चल रहा असमंजस भी खत्म हो गया।
जयपुर नगर निगम के 150 वार्डों की लॉटरी में 20 वार्ड अनुसूचित जाति (एससी), 6 वार्ड अनुसूचित जनजाति (एसटी) और 30 वार्ड अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए आरक्षित किए गए हैं बाकी 94 वार्ड अनारक्षित रहे. हालांकि इनमें महिलाओं के भी वार्ड आरक्षित किए गए हैं. जिनमें अनुसूचित जाति (एससी महिला) के 7 वार्ड, अनुसूचित जनजाति (एसटी महिला) के 2 वार्ड और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी महिला) के लिए 10 वार्ड आरक्षित किए गए हैं. बाकी अनारक्षित रहे वार्डों में 31 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं. इस तरह कुल 150 वार्डों में से 50 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं.
एससी के लिए 20 वार्ड आरक्षित :
लॉटरी में अनुसूचित जाति वर्ग के लिए कुल 20 वार्ड आरक्षित किए गए। इनमें वार्ड नंबर 72, 124, 132, 50, 65, 79, 86, 37, 69, 115, 58, 129, 63, 84, 55, 45, 59, 85, 66 और 142 शामिल हैं। इनमें से एससी महिला के लिए 7 वार्ड आरक्षित किए गए हैं। वार्ड नंबर 124, 59, 72, 86, 58, 69 और 142 में अब एससी वर्ग की महिला प्रत्याशी चुनाव लड़ सकेंगी।
एसटी के 6 वार्ड, दो महिलाओं के लिए :
अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए कुल 6 वार्ड आरक्षित हुए हैं। इनमें वार्ड नंबर 68, 60, 150, 64, 131 और 61 शामिल हैं। इनमें से वार्ड 68 और 150 एसटी महिला के लिए आरक्षित किए गए हैं।
ओबीसी के खाते में 30 वार्ड :
अन्य पिछड़ा वर्ग यानी ओबीसी के लिए कुल 30 वार्ड आरक्षित किए गए हैं। इनमें वार्ड नंबर 10, 41, 42, 48, 51, 90, 94, 102, 143, 144, 33, 82, 83, 12, 26, 52, 147, 113, 122, 23, 75, 53, 38, 2, 39, 18, 146, 27, 80 और 91 शामिल हैं। ओबीसी वर्ग के आरक्षित वार्डों में से 10 वार्ड ओबीसी महिला के लिए निर्धारित किए गए हैं। इनमें वार्ड नंबर 102, 75, 10, 94, 143, 146, 90, 26, 33 और 80 शामिल हैं।
अनारक्षित वार्डों में से 31 वार्ड महिला वर्ग (सामान्य) के लिए :
अनारक्षित वार्डों में से महिलाओं के लिए भी बड़ी संख्या में वार्ड आरक्षित किए गए हैं। कुल 94 अनारक्षित वार्ड में से 31 वार्ड महिला श्रेणी में रिजर्व किए गए हैं। इनमें वार्ड नंबर 6, 8, 148, 123, 149, 9, 107, 4, 108, 145, 100, 117, 88, 73, 20, 7, 126, 133, 46, 70, 92, 139, 32, 87, 138, 125, 56, 116, 25, 136 और 110 शामिल हैं।
लॉटरी के परिणाम के मुताबिक जयपुर नगर निगम के 150 वार्डों में 20 वार्ड अनुसूचित जाति (एससी), 6 वार्ड अनुसूचित जनजाति (एसटी) और 30 वार्ड अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए आरक्षित किए गए हैं। वहीं 94 वार्ड सामान्य यानी अनारक्षित श्रेणी में रखे गए हैं। इसके अलावा कुल 150 वार्डों में से 50 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं। ऐसे में अब पार्षद पद के संभावित दावेदारों को अपने-अपने वार्ड की आरक्षण स्थिति के आधार पर चुनावी रणनीति तय करनी होगी।
पूरी पारदर्शिता से हुई प्रक्रिया :
नगर निगम आयुक्त ओम कसेरा ने कहा कि वार्ड आरक्षण की पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता के साथ संपन्न हुई है। वहीं जो पूर्व पार्षद दोबारा चुनावी मैदान में उतरना चाहते हैं उन्हें निगम से एनओसी लेनी होगी। उनके लिए एनओसी की व्यवस्था शुरू कर दी गई है। वहीं जयपुर नगर निगम की लॉटरी प्रक्रिया संपन्न होने के बाद विधायक कालीचरण सराफ ने कहा कि वार्डों के आरक्षण की तस्वीर साफ होने के बाद अब चुनावी तैयारियां तेज होंगी। उन्होंने कहा कि निगम चुनाव में पार्टी की ओर से जिताऊ उम्मीदवारों को मैदान में उतारा जाएगा।
अब टिकट के दावेदारों की बदलनी होगी रणनीति :
आरक्षण की लॉटरी के बाद सबसे बड़ा असर उन पूर्व पार्षदों और संभावित दावेदारों पर पड़ेगा, जो लंबे समय से अपने-अपने वार्ड से चुनाव की तैयारी कर रहे थे। जिन वार्डों की श्रेणी बदल गई है, वहां कई दावेदारों को अब दूसरे वार्ड से चुनाव लड़ने की संभावनाएं तलाशनी पड़ सकती हैं।

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