वर्ल्ड हार्ट डे : कोलेस्ट्रॉल और ईसीजी नॉर्मल है, फिर भी हो सकता है हार्ट अटैक का खतरा

एसएमएस मेडिकल कॉलेज में हर 100 में से 30 मरीजों की रूटीन जांच आ रही सामान्य

वर्ल्ड हार्ट डे : कोलेस्ट्रॉल और ईसीजी नॉर्मल है, फिर भी हो सकता है हार्ट अटैक का खतरा
अगर आपकी कोलेस्ट्रॉल की रिपोर्ट सामान्य है, ईसीजी ठीक है और कोई खास लक्षण भी नहीं हैं, तो इसका मतलब यह नहीं है कि आपको हार्ट डिजीज का खतरा नहीं।

जयपुर। अगर आपकी कोलेस्ट्रॉल की रिपोर्ट सामान्य है, ईसीजी ठीक है और कोई खास लक्षण भी नहीं हैं, तो इसका मतलब यह नहीं है कि आपको हार्ट डिजीज का खतरा नहीं है। ह्दय रोग विशेषज्ञों के अनुसार हार्ट डिजीज का जोखिम केवल एलडीएल यानी लो डेंसिटी लिपोप्रोटीन या टोटल कोलेस्ट्रॉल से तय नहीं होता। शरीर में सूजन, आनुवंशिक जोखिम, धमनियों में जमा प्लाक और अन्य मेटाबॉलिक फैक्टर भी इसमें भूमिका निभाते हैं। एसएमएस मेडिकल कॉलेज में अगर हार्ट अटैक के 100 मरीज आ रहे हैं तो उनमें से करीब 30 मरीजों की रूटीन जांच सामान्य होती है। एक महत्वपूर्ण अध्ययन में सामने आया कि जिन मरीजों में बाद में हार्ट से जुड़ी समस्या हुई है, उनमें 46 प्रतिशत का एलडीएल (बैड) कोलेस्ट्रॉल तय मानक से कम था। इसका मतलब यह नहीं कि सामान्य एलडीएल हार्ट अटैक का कारण है बल्कि यह बताता है कि केवल एलडीएल को देखकर पूरे खतरे का आकलन नहीं किया जा सकता।

हार्ट अटैक से बचाव के लिए क्या करें :

ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और ब्लड शुगर को नियमित रूप से जांचते रहें और जरूरत होने पर डॉक्टर की सलाह से नियंत्रित रखें, धूम्रपान और तंबाकू से पूरी तरह दूरी बनाएं, रोजाना कम से कम 30 मिनट की शारीरिक गतिविधि जैसे तेज चलना, साइकिल चलाना या एक्सरसाइज करें, खाने में फल, सब्जियां, साबुत अनाज और प्रोटीन युक्त भोजन को प्राथमिकता दें, वजन नियंत्रित रखें, तनाव से दूर रहें, नींद पूरी लें।

नई गाइडलाइन ने बदले मानक :

Read More ग्वार-गम फैक्ट्री की लिफ्ट में आग, दो मजदूर जिंदा जले, नाइट शिफ्ट में 17 मजदूर कर रहे थे काम 

अगर किसी व्यक्ति की ईसीजी रिपोर्ट सामान्य है तो इसका मतलब यह नहीं है कि कोरोनरी आर्टरी पूरी तरह स्वस्थ हैं। हॉस्पिटल्स में चेस्ट पेन के साथ आने वाले 4 से 8 प्रतिशत मरीजों में हार्ट अटैक के संकेत देखे गए जिनकी ईसीजी बिल्कुल सामान्य थी। इसलिए अब प्रिवेंट-एएससीवीडी रिस्क स्कोर की मदद से उन लोगों में अगले 10 और 30 साल में हार्ट अटैक या हृदय संबंधी बीमारी का खतरा समझा जा सकता है, जिन्हें अभी हार्ट डिजीज नहीं है। विशेषज्ञों ने एलपी (ए) की जांच जीवन में कम से कम एक बार कराने की सलाह दी है। एपीओबी टेस्ट कुछ मरीजों में यह समझने में मदद कर सकता है कि कोलेस्ट्रॉल सामान्य होने के बावजूद हार्ट डिजीज का अतिरिक्त खतरा तो नहीं है।

Read More जयपुर कमिश्नरेट में कांग्रेस का धरना जारी; पुलिस कमिश्नर के लेटर में जीरो एफआईआर से इनकार, दिल्ली में पहले से दर्ज परिवाद का हवाला

सीएसी स्कोरिंग यानी हार्ट की धमनियों में कैल्शियम की मात्रा की जांच, कुछ चुनिंदा मरीजों में वास्तविक हार्ट रिस्क को समझने में मदद कर सकती है। एचएस-सीआरपी जैसे अतिरिक्त बायोमार्कर शरीर में सूजन समेत कुछ अन्य फैक्टर्स की जानकारी देकर व्यक्ति के टोटल हार्ट रिस्क का बेहतर आंकलन करने में मदद कर सकते हैं।

Read More प्रदेश में सड़क पर मौत का तांडव : एक रात, 3 हादसे और 11 लोगों की मौत, चूरू से बगरू तक मचा कोहराम

इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें :

सीने में दबाव, भारीपन, जकड़न या दर्द, जो कुछ मिनट से ज्यादा रहे।

दर्द या भारीपन का बांह, कंधे, पीठ, गर्दन या जबड़े तक पहुंचना।

अचानक सांस फूलना या सांस लेने में परेशानी।

ठंडा पसीना, चक्कर या अचानक कमजोरी महसूस होना।

एक्सपर्ट कार्डियोलॉजिस्ट पैनल: डॉ. दिनेश गौतम, एसएमएस मेडिकल कॉलेज, डॉ. संजीव शर्मा, डॉ. रूद्रदेव पाण्डेय, डॉ. सौम्यता सोमेंद्र शर्मा

Related Posts

Post Comment

Comment List

Latest News

नशे के धंधे से कमाई, अब संपत्ति पर कार्रवाई… फरार तस्कर को बड़ा झटका नशे के धंधे से कमाई, अब संपत्ति पर कार्रवाई… फरार तस्कर को बड़ा झटका
नशे की तस्करी से खड़ी की संपत्ति पर पुलिस ने शिकंजा कस दिया। अजमेर के दिनेश रेबारी की करीब 15...
भाजपा की कोशिशें नाकाम? खेड़ा बोले- हर हाल में होगा दिल्ली चलो मार्च
जयपुर के 300वें स्थापना वर्ष का काउंटडाउन शुरू, दीपावली पर दिखेगी विरासत की झलक
महंगाई की मार से सुलगा फ्रांस : सड़कों पर उतरे 4 लाख लोग, एक हजार प्रदर्शनकारी गिरफ्तार
विद्याधर नगर स्टेडियम में राजपूत और स्वर्ण समाज की आक्रोश रैली, सरकार को दी आंदोलन की चेतावनी
रिजर्व पार्टी से भागे सहायक मतदान अधिकारी को किया निलंबित, बाकी पर भी कार्रवाई की तैयारी
मणिपुर में शांति कब? सीएम के इस्तीफे की मांग, अलका लांबा ने केन्द्र सरकार से मांगा जवाब