कोटा के 92 हजार विद्यार्थियों को 8 महीने बाद भी न यूनिफॉर्म मिली न खातों में पैसा

प्रदेश के 56 लाख विद्यार्थियों को यूनिफार्म का इंतजार

कोटा के 92 हजार विद्यार्थियों को 8 महीने बाद भी न यूनिफॉर्म मिली न खातों में पैसा

बिना यूनिफार्म में आने वाले विद्यार्थियों को भी परीक्षा दिलवाई जाएगी।

कोटा। जिले के एक हजार से अधिक सरकारी स्कूलों में अध्ययनरत कक्षा 1 से 8वीं तक 92 हजार विद्यार्थियों को 9 माह बाद भी यूनिफार्म नहीं मिली। पहले सरकार द्वारा गणवेश का कपड़ा देने की बात कही गई थी लेकिन अब यूनिफॉर्म खरीदने के लिए विद्यार्थियों के खाते में पैसा डालने की बात कह रही है। लेकिन, गणवेश कब तक मिलेगी, इसका जवाब शिक्षा अधिकारियों के पास भी नहीं है। हालात यह हैं, शिक्षा सत्र खत्म होने की कगार पर पहुंच गया है लेकिन अब तक यूनिफार्म का कोई अता-पता नहीं है।  सबसे ज्यादा परेशानी 8वीं के बच्चों के साथ है। दो दिन बाद  परीक्षाएं शुरू होने वाली है, ऐसे में बोर्ड परीक्षा में यूनिफार्म पहनकर आने की अनिवार्यता के कारण विद्यार्थियों व अभिभावक असमंजस में है कि बिना यूनिफार्म के जाने पर परीक्षा में बैठने देंगे या नहीं। हालांकि, शिक्षाअधिकारियों का कहना है कि बिना यूनिफार्म में आने वाले विद्यार्थियों को भी परीक्षा दिलवाई जाएगी। 

बैंक खातों में नहीं आए यूनिफार्म खरीदने के पैसे
शिक्षकों का कहना है, सत्र 2024-25 में सरकार ने आदेश जारी किए थे कि कक्षा पहली से आठवीं तक के बच्चों को नि:शुल्क यूनिफार्म की जगह उनके बैंक अकाउंट में गणवेश खरीदने के लिए पैसे दिए जाएंगे। इसमें सिलाई, कपड़ा व स्कूल बैग की खरीद होगी। ऐसे में अभिभावक इसका भी इंतजार कर रहे है कि बच्चों के बैंक खातों में जब राशि जमा होगी, तब यूनिफार्म बनवा लेंगे। इधर, प्रदेश में कक्षा 9 से 12वीं तक की 12 लाख 94 हजार 645 छात्राएं हैं, जिन्हें भी नि:शुल्क यूनिफार्म देने की घोषणा की गई थी। जिस पर अब तक अमल नहीं हुआ।   

9 महीने से विद्यार्थियों को गणवेश का इंतजार
शिक्षा सत्र शुरू हुए 9 माह हो चुके हैं। कक्षा 1 से 8वीं तक के 91 हजार 948 विद्यार्थियों को गणवेश नहीं मिल रही। वहीं, अभिभावक भी पशोपेश में है कि या तो सरकार यूनिफॉर्म का कपड़ा दे या फिर राशि दे तो बच्चों के लिए समय पर यूनिफार्म सिलवाई जा सके। मामले को लेकर अधिकारी भी संतोषजनक जवाब देने से बचते नजर आ रहे है। इधर, यूनिफार्म की सिलाई की राशि आएगी भी नहीं, इसकी भी जानकारी नहीं दी जा रही। 

कोटा में कक्षा-1 से 8वीं तक के विद्यार्थियों की संख्या
 नामांकन     कक्षा 
7307         पहली
8833         दूसरी
10807    तीसरी
13346     चौथी
11740     पांचवीं
13217     छठीं
13462     सातवीं
13236     आठवीं

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प्रदेश में विद्यार्थियों का आंकड़ा
 नामांकन     कक्षा 
474858     पहली
615297     दूसरी
739944     तीसरी
795058     चौथी
724667     पांचवीं
760481     छठीं
780372     सातवीं 
759039     आठवीं

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क्या कहते हैं अभिभावक
पिछले 8 महीने से न तो यूनिफार्म का कपड़ा मिला और न ही सिलाई का पैसा। स्कूल में शिक्षकों से पूछते हैं तो वह शिक्षा विभाग जाने की बात कहते हैं, जब विभाग में जाते हैं तो अधिकारी भी बजट नहीं आने की बात कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं। वहीं, कुछ शिक्षकों द्वारा बच्चों के बैंक खाते में यूनिफार्म खरीदने की राशि दिए जाने की बात कहीं जा रही है लेकिन स्पष्ट कुछ भी नहीं है। 
-सतीश कुमार जांगिड़, छत्रपुरा 

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सरकार को अपनी घोषणा पर अमल करना चाहिए। पिछले साल भी यूनिफार्म नहीं मिली। दो साल पहले मिली थी जो छोटी हो चुकी है। गणवेश मिलेगी या नहीं, सरकार को स्थिति स्पष्ट करना चाहिए ताकि, अभिभावक अपने बच्चों की गणवेश के लिए  इंतजार नहीं करना पड़े।
-सुरेंद्र बैरवा, संजय गांधी नगर 

इनका कहना है 
इधर, बालिकाओं का भी बढ़ रहा इंतजार  कक्षा पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों को नि:शुल्क यूनिफार्म देने के साथ ही सरकार ने 9वीं से 12वीं तक की सिर्फ छात्राओं के लिए यही घोषणा कर रखी है। अब कक्षा एक से आठवीं के साथ-साथ कक्षा नौवीं से बारहवीं तक की बालिकाओं के अभिभावक भी यूनिफार्म के इंतजार में है कि सरकार राशि जमा करा दे तो बच्चों के यूनिफार्म सिलवा दे सके। 
-राजेंद्र कुमार, जिलाध्यक्ष शिक्षक संघ रेसटा झालावाड़

शिक्षा सत्र के 8 माह गुजरने के बाद भी राज्य के सरकारी स्कूलों में नि:शुल्क यूनिफॉर्म वितरण योजना में पात्र छात्र-छात्राओं को अभी तक न तो यूनिफॉर्म  मिली न ही नकद राशि।  सरकार की ओर से प्रति छात्र 800 रुपए की राशि देने की घोषणा कर रखी है। लेकिन अभी तक प्रक्रिया शुरू नहीं हुई। जिससे विद्यार्थियों व अभिभावकों को कई तरह की परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। सरकार को जल्द से जल्द यूनिफार्म उपलब्ध करवाना चाहिए। 
-मोहर सिंह सलावद, प्रदेशाध्यक्ष शिक्षक संघ रेसटा  

हमारे यहां ऐसा इश्यू नहीं है, यदि कोई विद्यार्थी स्कूल यूनिफार्म में आता है तो अच्छी बात है और नहीं आता है तो भी उसे परीक्षा दिलवाई जाएगी। 
-पवित्रा त्रिपाठी, डाइट प्रिंसिपल कोटा

इस बार यूनिफॉर्म का कपड़ा देने के बजाए विद्यार्थियों के बैंक खातों में राशि देने का प्रावधान किया गया है।  लेकिन, अभी बजट के अभाव में यूनिफार्म खरीदने के लिए पैसा खातों में नहीं डाला गया है। उच्चाधिकारियों से प्राप्त निर्देशों के अनुसार कार्य किया जाएगा। वहीं, यूनिफार्म के लेवल पर विद्यार्थी को परीक्षा से वंचित नहीं रखा जाएगा। 
-रूप सिंह मीणा, डीईओ एलीमेंट्री कोटा 

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