गोपाल निवास बाग बदहाल : खुले बिजली बोर्ड, अंधेरा और अव्यवस्था से बढ़ा खतरा, पार्क में लगे सोलर पैनल बने शोपीस

नयापुरा क्षेत्र के प्रमुख पार्क की उपेक्षा, स्थानीय लोग परेशान

गोपाल निवास बाग बदहाल : खुले बिजली बोर्ड, अंधेरा और अव्यवस्था से बढ़ा खतरा, पार्क में  लगे सोलर पैनल बने  शोपीस

हरियाली और आकर्षक नर्सरी के लिए जाना जाने वाला पार्क हुआ जर्जर।

कोटा। शहर के नयापुरा क्षेत्र में स्थित गोपाल निवास बाग इन दिनों अपनी बदहाल व्यवस्था के कारण लोगों की चिंता का विषय बना हुआ है। कभी इस क्षेत्र का आकर्षण रहा यह पार्क अब लापरवाही और अव्यवस्था की वजह से खतरों का गढ़ बनता जा रहा है। पार्क में खुले पड़े बिजली के बोर्ड लोगों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा साबित हो सकते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक इस पार्क में टहलने आते हैं, ऐसे में खुले बिजली बोर्ड किसी भी समय बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। वहीं जगह जगह फैला कचरा पार्क की सुन्दरता को दाग लगा रहा है।

अंधेरे में डूबा पार्क, असामाजिक तत्वों का जमावड़ा बढ़ा
शाम ढलते ही पार्क में अंधेरा छा जाता है। लाइट की कोई भी सुविधा उपलब्ध न होने से पार्क पूरी तरह काला हो जाता है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस अंधेरे का फायदा उठाकर कई बार असामाजिक तत्वों द्वारा छीना-झपटी और लूट जैसी घटनाएं भी हो चुकी हैं। लोग भय के कारण शाम के बाद पार्क में जाना बंद कर रहे हैं।

बच्चों के झूले टूटे, फव्वारे बंद,नर्सरी जर्जर
गोपाल निवास बाग में बच्चों के लिए लगाए गए झूले लंबे समय से टूटे पड़े हैं। परिवार लेकर आने वाले लोगों को यहां बच्चों के मनोरंजन की कोई सुविधा नहीं मिलती। पार्क की शोभा बढ़ाने वाले फव्वारे भी बंद पड़े हैं, जिनके कारण पार्क की सुंदरता पूरी तरह फीकी पड़ चुकी है। पहले जो पार्क हरियाली और आकर्षक नर्सरी के लिए जाना जाता था, आज जर्जरता का प्रतीक बन गया है।

 रखरखाव में शून्य व्यवस्था
पार्क में ऊर्जा बचत के लिए लगाए गए सोलर पैनल भी अब केवल शोपीस बनकर रह गए हैं। न तो उनका रखरखाव हो रहा है और न ही उनसे पार्क को रोशनी मिल पा रही है। इससे साफ है कि पार्क की मरम्मत और देखरेख को लेकर जिम्मेदार विभाग गंभीर नहीं है।

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शहर के नागरिकों का कहना
पार्क में सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं होने से हादसों और आपराधिक गतिविधियों की आशंका लगातार बनी रहती है। स्थानीय लोगों ने पार्क प्रबंधन से मरम्मत, रोशनी की व्यवस्था, सुरक्षा गार्ड की नियुक्ति तथा बच्चों के खेल उपकरणों की पुनर्स्थापना की मांग की है। लोगों का कहना है, कि अगर समय रहते ध्यान नहीं दिया गया तो यह पार्क अपनी उपयोगिता और पहचान दोनों खो देगा।

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इनका कहना है
विद्युत विभाग को सूचना प्रेषित कर दी गई है, जिसके अनुसार आगामी 2,3 दिनों में लाइटिंग व्यवस्था पूर्ण रूप से सुचारू का दी जाएगी । वहीं 10-15 दिनों के भीतर पार्क में संपूर्ण व्यवस्थाओं को दुरूस्त कर दिया जाएगा, ताकि आने वाले प्रत्येक आगंतुक को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
- मनीष कुमार मीणा, अधिशासी अभियंता उद्यान, कोटा विकास प्राधिकरण

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