बोर्ड परीक्षा से हॉकी के मैदान तक 6 साल से चैम्पियन बेटियां
राजकीय बालिका विद्यालय अंबेडकर नगर में पढ़ाई के साथ तर्कशक्ति
कोटा। बोर्ड परीक्षाओं में 90% से ज्यादा रिजल्ट और खेल के मैदान में लगातार 6 साल से चैंपियन रहीं बेटियां.... राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय अंबेडकर नगर-कुन्हाड़ी की छात्राओं ने बौद्धिक प्रतिस्पर्द्धा के बीच हॉकी की दुनिया में अलग ही मुकाम हासिल किया। विद्यालय का कक्षा 10वीं व 12वीं बोर्ड परीक्षा परिणाम पिछले 5 वर्षों से 90 फीसदी से अधिकरहा है, वहीं हॉकी टीम लगातार छह वर्षों से जिला चैंपियन है। हर साल टीम की खिलाड़ियों का चयन राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए भी हो रहा है। यहां बेटियों के हाथों में एक तरफ किताबें हैं तो दूसरी तरफ हॉकी की स्टिक और दोनों ही मैदानों में वे सफलता की कहानी लिख रही हैं।
छह साल से हॉकी की बादशाहत कायम
कक्षा में पढ़ाई के बाद स्कूल की बेटियां मैदान में भी अपनी प्रतिभा दिखा रही हैं। विद्यालय की हॉकी टीम पिछले छह वर्षों से लगातार जिला चैंपियन है। हर वर्ष विद्यालय की प्रतिभावान हॉकी खिलाड़ियों का चयन राज्य स्तर के लिए भी होता है। प्रधानाचार्या अर्पणा शर्मा के अनुसार खेल छात्राओं में अनुशासन, टीम भावना और नेतृत्व की क्षमता विकसित करने का महत्वपूर्ण महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
किताबों से अखबार तक, सीखने का अलग अंदाज
उन्होंने बताया कि विद्यालय में पढ़ाई को केवल सिलेबस तक सीमित नहीं रखा गया। बेटियों को देश-दुनिया से रूबरू करने और बुनियादी शिक्षा से ही प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के करीब पहुंचने का लक्ष्य तय किया। इसके तहत को 'मेरा अखबार' गतिविधियां शुरू करवाई गई। जिसके जरिए छात्राओं प्रतियोगी परीक्षाओं में उपयोगी करंट अफेयर्स और समसामयिक घटनाओं को समझने पर जोर दिया। इससे तर्क और विश्लेषण क्षमता विकसित करने में मदद मिली।
5 साल से बोर्ड में 90% पार, हर साल नई उपलब्धि
विद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों में सबसे अहम पिछले पांच वर्षों से 10वीं और 12वीं का 90 प्रतिशत से अधिक बोर्ड परिणाम रहना है। इसके पीछे विद्यालय प्राचार्य अर्पणा शर्मा का विजन सफलता की कुंजी साबित हुआ। उन्होंने विद्यालय में छात्राओं की विषयवार कमजोरियों को चिन्हित कर नियमित टेस्ट और डाउट क्लियर करने की व्यवस्था करते हुए समाधान पर जोर दिया। शिक्षिकाओं और छात्राओं के बीच पढ़ाई का फ्रेंडली माहौल को भी विकसित किया। नतीजन, प्रतिष्ठित नेशनल मेरिट कम मींस स्कॉलरशिप के लिए भी प्रतिवर्ष विद्यालय की छात्राओं का चयन होता रहा है।
मॉडल लाइब्रेरी में किताबों से दोस्ती
विद्यालय में प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों में पढ़ने की रुचि विकसित करने के लिए मॉडल लाइब्रेरी स्थापित की गई। जिसमें जानवरों और कार्टूनों के रोचक चित्रों और उनके बीच के संवाद को किताबों में उकेरा गया। इस तरह की डिजाइन करवाई गई पुस्तकें बच्चों को अपनी ओर आकर्षित कर रहीं हैं। चित्रों के जरिए कहानी और संवाद समझने की कोशिश में बच्चे शब्दों और अक्षरों से जुड़ रहे हैं। वहीं, बच्चों में पुस्तकों की देखभाल की आदत विकसित करने के लिए लाइब्रेरी में 'बुक क्लीनिक' भी बनाई गई है।
14 कक्षा-कक्ष, बेहतर सुविधाओं का आधार
उन्होंने बताया कि भामाशाहों के सहयोग से विद्यालय में 14 सुविधायुक्त कक्षा-कक्ष उपलब्ध हैं। शैक्षणिक गतिविधियों के साथ खेल और सहशैक्षणिक गतिविधियों में छात्राओं की सहभागिता सुनिश्चित की गई है। यह पहल बालिकाओं में नेतृत्व व तर्क क्षमता मजबूत करने में मदद मिल रही है।
विद्यालय का उद्देश्य छात्राओं को केवल अच्छे अंक दिलाना नहीं, बल्कि उन्हें आत्मविश्वासी, अनुशासित और नेतृत्व क्षमता से परिपूर्ण करना है। इसी पहल के साथ पढ़ाई, खेल, पठन-पाठन और अन्य गतिविधियों को साथ लेकर चलने का प्रयास किया विद्यालय की बेटियों की उपलब्धि जा रहा है। यही वजह है कि कुन्हाड़ी केवल रिपोर्ट कार्ड तक सीमित नहीं हं, वे बोर्ड परीक्षा में अंक बटोर रही हैं और हॉकी के मैदान में लगातार छह साल से चैंपियन बनकर अपनी पहचान बना रही हैं।
- अर्पणा शर्मा, प्रधानाचार्या रा. बा.वि अंबेडकर नगर कुन्हाड़ी

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