वन्यजीव विभाग की लापरवाही से छिन रहा बेजुबान परिंदों का निवाला
विदेशों से उम्मेदगंज में आते हैं 10 हजार से ज्यादा पक्षी
कोटा। उम्मेदगंज पक्षी विहार में बेजुबान परिंदों का निवाला छिना जा रहा है और वन्यजीव विभाग आंखें मूंदे पड़ा है। अधिकारियों की घोर लापरवाही से पक्षी विहार में दिन दहाड़े अवैध फिशिंग हो रही है। कार्रवाई करना तो दूर पक्षियों की सुरक्षा तक नहीं कर रहे हैं। हालात यह हैं, हजारों मील का सफर कर विदेशों से उम्मेदगंज पहुंचे पक्षियों को भोजन नहीं मिल पा रहा। भूख से बेचेन परिंदे तड़पते नजर आ रहे हैं। नतीजन, उम्मेदगंज पक्षी विहार से पक्षियों का पलायन बढ़ने लगा है। दरअसल, मतस्य विभाग द्वारा उम्मेदगंज पक्षी विहार से गुजर रही नहर से मछली व्यवसाय के लिए ठेका दिया जाता है। लेकिन, ठेकेदार के कर्मचारी नहर के आमने-सामने स्थित पक्षी विहार के तालाबों में से अवैध रूप से मछली निकाल रहे हैं। जबकि, वर्ष 2020 में मतस्य विभाग के तत्कालीन डायरेक्टर ने अपने विभाग के स्थानीय अधिकारियों को पक्षी विहार से लगती नहर से 500 मीटर का क्षेत्र छोड़कर ठेका करने को पाबंद किया था। लेकिन अधिकारियों ने इसकी पालना नहीं की। जिसकी वजह से बर्ड्स सेंचुरी में अवैध मतस्य आखेट बढ़ गया। नतीजन, पक्षियों के भूखे मरने की नौबत आ गई।
10 हैक्टेयर में हो रही अवैध फिशिंग
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, उम्मेदगंज पक्षी विहार 273 हैक्टेयर में फैला हुआ है। जिसमें से 10 हैक्टेयर में अवैध फिशिंग की जा रही है। वन्यजीव विभाग द्वारा पूर्व में भी मतस्य विभाग को नोटिस जारी कर अवैध मतस्य आखेट रोकने का आग्रह किया था, विभाग ने ध्यान नहीं दिया। नतीजन, अवैध फिशिंग होने से पक्षियों का प्राकृतिक आवास नष्ट होने लगा है। जिसकी वजह से बर्ड्स पलायन करने लगी है। वहीं, वन्यजीव विभाग द्वारा अवैध गतिविधियां रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठा रहा।
फोरेस्ट लैंड में बनाई टैंटनुमा झोपड़ी
उम्मेदगंज में अवैध मतस्य आखेट करने वालों ने वन विभाग व सिंचाई विभाग की जमीन पर ही टैंट लगाकर अस्थाई वेयर हाउस बना लिया है। जहां मछली पकड़ने के जाल, नाव, कैरेट सहित अन्य सामान रखे जाते हैं। नहर के आमने सामने दोनों तालाबों से प्रतिदिन बड़ी संख्या में मछली निकाली जाती है, जिसे इस टेंट में रखी कैरेट में भरकर स्टोर की जा रही है। वन्यजीव विभाग के अधिकारियोें व कर्मचारियों को यह दिखाई नही दे रहा। विशेषज्ञों का तर्क है कि अवैध मतस्य आखेट विभाग की मिलीभगत से चल रहा है। ऐसे में सरकार को अधिकारी-कर्मचारियों की भूमिका की जांच करवानी चाहिए।
लाडपुरा विधायक ने उठाया था मामला
गत 28 फरवरी को वन एवं पर्यावरण मंत्री संजय शर्मा के कोटा प्रवास के दौरान लाडपुरा विधायक कल्पना सिंह ने उम्मेदगंज पक्षी विहार में अवैध मतस्य का मामला उठाया था। इस पर मंत्री ने वन्यजीव विभाग के अधिकारियों को फटकार लगाते हुए रोकने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद अधिकारियों ने इस दिशा में कोई सार्थक प्रयास नहीं किए।
नियमानुसार करेंगे कारवाई
उम्मेदगंज पक्षी विहार कंजर्वेशन रिजर्व में अवैध मतस्य आखेट का मामला संज्ञान में आया है। जिसे रोकने के लिए नियमानुसार कार्रवाई कर रहे हैं।
- अनुराग भटनागर, उपवन संरक्षक, वन्यजीव विभाग
मैने अभी विभाग ज्वाइन नहीं किया है। यदि फोरेस्ट लैंड में अवैध रूप से फिशिंग की जा रही है तो ठेकेदार को पाबंद कर रुकवाएंगे।
- इरशाद खान, सहायक निदेशक, मतस्य विभाग
क्या कहते हैं पक्षी प्रेमी
10 हजार पक्षियों के भोजन पर डाका
पिछले चार वर्षों से उम्मेदगंज पक्षी विहार कंर्जरवेशन रिजर्व में अवैध मतस्य आखेट किया जा रहा है। लेकिन, वन्यजीव अधिकारियों को दिखाई नहीं दे रहा। जबकि, उम्मेदगंज में 10 हजार से ज्यादा पक्षी विदेशों से आते हैं। इनमें से अधिकतर पक्षी मछली पर निर्भर होते हैं। ऐसे में वन विभाग के तालाबों में से लोग अवैध रूप से मछली निकाल बेजुबान परिंदों के भोजन पर डाका डाल रहे हैं और वन्यजीव विभाग के अधिकारी तमाशा देख रहे हैं। केवलादेवी पक्षी अभयारणय की तर्ज पर उम्मेदगंज को विकसित करने के सरकार के उद्देश्य को बर्बाद करने पर तुले हैं। वन अधिकारियों की मिलीभगत से अवैध गतिविधियां हो रही है। सरकार को ऐसे अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।
- देवव्रत सिंह हाड़ा, संस्थापक, पगमार्क फाउंडेशन
130 प्रजातियों के पक्षियों का नष्ट हो रहा आवास
उम्मेदगंज पक्षी विहार में हर साल उत्तरी अमेरिका, ब्रिटेन, इराक, ईरान, उज्बेकिस्थान, रशिया, चीन, मंगोल सहित कई देशों से 130 प्रजातियों के पक्षी हजारों पक्षी यहां आते हैं। इनमें से अधिकतर पक्षियों का मुख्य भोजन मछली होता है। लेकिन, वन्यजीव विभाग की लापरवाही से अवैध फिशिंग और संदिग्ध गतिविधियां बढ़ रही है। जिससे पक्षियों का प्राकृतिक आवास नष्ट हो रहा है। उन्हें खाने के लिए मछलियां नहीं मिल रही। मजबूरन पक्षियों का पलायन करने लगे हैं। वॉच टावर स्थित तालाब पर पहले सारस क्रेन का जोड़ा आता था लेकिन अब इस स्थान पर नहीं आते। वहीं, पक्षियों की सुरक्षा को लेकर भी अनदेखी बरती जा रही है।
- एएच जैदी, नेचर प्रमोटर
अधिकारी गैर जिम्मेदार, उजड़ रहा संसार
उम्मेदगंज पक्षी विहार कंजर्वेशन रिजर्व में गत 30 जनवरी को वन्यजीव विभाग की ओर से पक्षी गणना करवाई गई थी। जिसमें यहां कोमन पोचार्ड, क्रेस्टेड पोचर्ड, टफ्टेड , लिटिल गीब गल, स्टार्क, प्रेटीनकोल, लिटिल रिंग फ्लॉवर, रफ, कॉमन टील, नार्थन सोवलर, ब्लू थ्रोट, जिंटिंग सिस्टिकोला, विस्किर्ड टर्न, रिवर टर्न, कॉमन कूट, गेडवेल, कॉटन पिग्मी गीज, सारस क्रेन, सहित अन्य कई प्रजाति के प्रवासी पक्षी रिकॉर्ड किए गए थे। इसके बाद विभाग ने कभी पक्षी विहार की तरफ झांका तक नहीं। अवैध फिशिंग व संदिग्ध घुसपैठ लंबे समय से चल रही है। गैर जिम्मेदार वन अधिकारियों की वजह से इन परिंदों का संसार उजड़ रहा है। ऐसे अधिकारियों के खिलाफ सरकार को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
- रवि नागर, बायोलॉजिस्ट

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