सिटी बसों की पहचान गायब, कोचिंग का कब्जा

नगरीय परिवहन सेवा : कोचिंग संस्थान के विज्ञापनों से गायब हुई सिटी बसों की पहचान

सिटी बसों की पहचान गायब, कोचिंग का कब्जा
सिटी बसों पर पहले जहां सामने से लेकर साइड में और पीछे की तरफ कोटा नगरीय बस सेवा लिखा हुआ था। वह अब बहुत छोटे अक्षरों में लिखा हुआ है। सिटी बसों पर कोचिंग सस्थान का नाम लिखा हुआ है।

कोटा । शहर वासियों को सस्ती, सुलभ व सुधिवा जनक नगरीय परिवहन सेवा उपलब्ध करवाने के लिए प्रशासन द्वारा सिटी बसों का संचालन किया जा रहा है। लेकिन वर्तमान में एक कोचिंग संस्थान के विज्ञापनों की अधिकता के कारण सिटी बसों की पहचान की गायब हो गई है। ये सिटी बसें एक कोचिंग संस्थान की बसें बनकर रह गई हैं। कोटा में 34 सिटी बसें हैं। जिनमें से वर्तमान में मात्र 24 बसों का ही संचालन हो रहा है। इन बसों का संचालन कोटा बस सर्विस लिमिटेड के माध्यम से पुणे की निजी फर्म द्वारा किया जा रहा है। सिटी बसों पर पहले जहां सामने से लेकर साइड में और पीछे की तरफ कोटा नगरीय बस सेवा लिखा हुआ था। जिससे उनके सड़कों पर चलने से दूर से ही लोगों को नजर आ जाती थी। लोग उनका लाभ ले रहे थे। लेकिन वर्तमान में सिटी बसों की पहचान की गायब हो गई है।  सिटी बसों पर पहले जहां कोटा नगरीय परिवहन सेवा बड़े-बड़े अक्षरों में लिखा हुआ था वह अब बहुत छोटे अक्षरों में लिखा हुआ है। जिससे लोगों को सिटी बस के होने का पता ही नहीं चल पा रहा है। 

रंग से लेकर पहचान तक बदली
सिटी बसों में पहले एक कोचिंग संस्थान के विज्ञापन लगे हुए थे। वे काफी समय तक रहे।  लेकिन वर्तमान में दूसरे कोचिंग संस्थान के विज्ञापन बसों पर लगे हुए हैं। हालत यह है इन विज्ञापनों के कारण सिटी बसों का रंग से लेकर पहचान तक सभी बदल गए हैं। ऐसे में अब सड़कों पर इन बसों के चलने के बावजूद लोग असमंजक की स्थिति में हैं।  नयापुरा निवासी राजेश विजय ने बताया कि वे अक्सर सिटी बस से ही शहर में आने-जाने का काम करते हैं। लेकिन इन दिनों सिटी बस में जाने पर बस सामने आने के बाद भी पता नहीं चल पाता कि वह सिटी बस है या कोचिंग संस्थान की। जिस तरह से निजी स्कूल व कॉलेजों की बसों पर उनका नाम लिखा रहता है। उसी तरह से इन दिनों सिटी बसों पर एक ही कोचिंग सस्थान का नाम लिखा हुआ है। दादाबाड़ी निवासी विजय लक्ष्मी ने बताया कि वे कई बार बस सामने आने के बाद भी उसे छोड़ देती हैं। उन्हें लगता है कि यह कोचिंग संस्थान की बस होगी। उन्होंने बताया कि  रोडवेज बसों पर भी सरकारी विज्ञापन लगे हुए हैं लेकिन फिर भी वे रोडवेज की बस दिखती हैं। लेकिन सिटी बसों की तो पहचान ही गायब हो गई है। 

शहर में सिटी बसों का संचालन किया जा रहा है कि न कि किसी कोचिंग संस्थान की बस का। वर्तमान में जिस तरह से सिटी बसों पर कोचिंग संस्थान के विज्ञापन लगाए गए हैं उससे तो ये बसें सिटी बस कम और कोचिंग की बसें अधिक नजर आ रही हैं। इनमें विज्ञापन का कोई मापदंड तय नहीं है। इसकी जानकारी की जाएगी। 
- विवेक राजवंशी, नेता प्रतिपक्ष, नगर निगम कोटा दक्षिण 

 सिटी बसों का काम पहले जो एक्सईएन देख रहे हैं उनके हटने के बाद कुछ समय पहले ही यह काम दिया है। सिटी बसों के बारे में जानकारी ले रहा हूं। विज्ञापनों के मापदंड का पता करते हैं। यदि निर्धारित से अधिक विज्ञापन लगे हैं या सिटी बसों की पहचान खत्म की गई है तो उसी सही करवाया जाएगा। 
- पी.पी. गर्ग, अधिशाषी अभियंता, नगर निगम कोटा उत्तर 

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