फोकस लाइटों से रोशन किए जा रहे चौराहे
चौराहों की मूल लाइटें पड़ी फीकी
कोटा। शहर के विकास व सौन्दर्यीकरण के तहत विकसित किए गए प्रमुख चौराहों पर लाखों रुपए खर्च कर लगाई गई मूल लाइटें फीकी पड़ गई है। जिससे चौराहों को अतिरिक्त फोकस लाइटों से चमकाया जा रहा है।कोटा विकास प्राधिकरण की ओर से करोडों रुपए खर्च कर शहर के मध्य स्थित एरोड्राम चौराहा और यहां टावर ऑफ लिबर्टी को विकसित किया गया। इस चौराहे पर रंग बिरंगी लाइटें लगाई गई थी। जो समय-समय पर अपने बदलते रंग व रोशनी से लोगों को आकर्षित कर रही थी। लेकिन समय के साथ धीरे-धीरे ये लाइटें बंद होती गई। वर्तमान में हालत यह है कि पिछले कई महीनों से चौराहे की लाइटें बंद होने से यह अंधेरे के साए में है।वहीं इसके आगे घोड़े वाले बाबा चौराहा है। जिसका नाम बदलकर टीलेश्वर महादेव सर्किल किया गया है। कुछ समय पहले तक यह चौराहा रोशनी से जगमगा रहा था। लेकिन इसकी लाइटें भी फीकी होती गई और फिलहाल बंद ही है।इसी तरह की हालत सीएडी सर्किल की हो रही है।
दशहरा मेले में किए रोशन
133 वां राष्ट्रीय दशहरा मेला चल रहा है। ऐसे में कोटा शहर ही नहीं दूर दराज से और प्रदेश के अन्य शहरों से भी बड़ी संख्या में लोग मेला घूमने आ रहे हैं। ऐसे में सभी लोग इन चौराहों से होकर ही गुजर रहे हैं। इन चौराहों से गुजरने वाले लोगों को अंधेरा नजर नहीं आए। इस कारण से फिलहाल नगर निगम की ओर से घोड़ा चौराहे व सीएडी चौराहे पर अतिरिक्त लाइटें लगाकर इन्हें रोशन किया गया है। घोड़ा चौराहे पर तो फोकस लाइटें अलग से ही नजर आ रही है। जबकि केडीए की ओर से एरोड्राम सर्किल पर लाइटें लगाई जानी है। जिनका ट्रायल किया जा रहा है। उसे अभी तक अंतिम रूप नहीं दिया गया है।
सीएडी चौराहा तो दशहरा मैदान के नजदीक होने से वहां तो हर बार लाइटिंग की जाती है। लेकिन इस बार घोड़ा चौराहे पर की गई अतिरिक्त लाइटिंग चर्चा का विषय बना हुआ है।
हालांकि केडीए अधिकारियों का कहना है कि घोड़ा चौराहे की रोशनी फीकी नहीं पड़ी है। वह मेले के हिसाब से कम है। ऐसे में निगम की ओर से यहां रोशनी अधिक दर्शाने के लिए फोकस लाइटें लगाई गई है।
वहीं नगर निगम आयुक्त ओम प्रकाश मेहरा ने बताया कि सीएडी व घोड़ा चौराहे पर नगर निगम की ओर से अतिरिक्त लाइटिंग कर मेले में आने वालों के लिए रोशनी की गई है।

Comment List