राखी पर बरसा धन : 50 करोड़ तक पहुंचा कारोबार

बाजारों में दिखी त्यौहारी चमक, दिनभर चला खरीदारी का दौर

राखी पर बरसा धन : 50 करोड़ तक पहुंचा कारोबार
स्वदेशी राखियों की बढ़ती मांग और लंबे समय बाद आई आर्थिक सुगमता ने बाजार को मजबूती दी।

कोटा। भाई-बहन के पवित्र रिश्ते के पर्व रक्षाबंधन ने इस बार कोटा के बाजारों में जमकर रौनक बिखेरी। पिछले साल के मुकाबले इस बार खरीदारी में लगभग 30 से 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई। व्यापारिक संगठनों का कहना है कि पर्व के दौरान शहर में करीब 45 से 50 करोड़ रुपए का कारोबार हुआ। मौसम का साथ, चाइना की जगह स्वदेशी राखियों की बढ़ती मांग और लंबे समय बाद आई आर्थिक सुगमता ने बाजार को मजबूती दी। त्यौहार के कारण न केवल खुदरा बाजार बल्कि थोक व्यापारियों को भी फायदा हुआ। राखी, मिठाई, कपड़े और गिफ्ट आइटम का स्टॉक समय से पहले ही खत्म हो गया। व्यापारियों का मानना है कि रक्षाबंधन के बाद यह रौनक गणेश चतुर्थी, नवरात्र और दीपावली तक बनी रहेगी, जिससे इस साल का कुल कारोबार पिछले साल की तुलना में काफी अधिक रहेगा। 

मिठाइयों की दुकानों पर लगा तांता: रक्षाबंधन पर्व को लेकर एक दिन पहले से ही घण्टाघर, स्टेशन रोड, तलवंडी, गुमानपुरा, महावीर नगर, सहित शहर के अन्य प्रमुख बाजारों में सुबह से देर रात तक ग्राहकों का तांता लगा रहा। दुकानों के बाहर पार्किंग स्थल भरे रहे और पैदल चलना तक मुश्किल हो गया। महिलाएं भाइयों के लिए राखी चुनने में खासा समय बिता रही थीं, जबकि बच्चे कार्टून और लाइट वाली राखियों को देखकर उत्साहित नजर आए। मिठाई की दुकानों पर देसी घी के लड्डू, मावा कचौरी, बरफी और चॉकलेट गिफ्ट पैक की मांग सबसे अधिक रही। कपड़ों के शोरूम में महिलाओं ने त्यौहारी परिधान, साड़ी और कुर्ता-सेट की जमकर खरीदारी की।

- रक्षाबंधन पर नजर आया उत्साह
- नई डिजाइन की राखियों ने लुभाया
- बेहतर कारोबार से खिले व्यापारियों के चेहरे

बाजारों में ऐसा रहा खरीदारी का माहौल
- सुबह से ही खरीदारी का सिलसिला शुरू हो गया था जो रात तक जारी रहा।
- गिफ्ट शॉप्स पर भाइयों के लिए पर्स, घड़ी, परफ्यूम और इलेक्ट्रॉनिक आइटम्स की खरीदारी खूब हुई।
- सर्राफा बाजार में चांदी के सिक्के, लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां और राखी उपहार पैक की बिक्री तेज रही।
- मिठाई की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ को देखते अतिरिक्त काउंटर लगाए गए।
- ट्रैफिक पुलिस को भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष इंतजाम करने पड़े और कई बाजारों में वन-वे ट्रैफिक लागू किया गया।

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किस-किस में कितना अनुमानित कारोबार
राखी व पूजन सामग्री : 8-10 करोड़
कपड़े व अन्य परिधान :12-14 करोड़
मिठाई व नमकीन : 10-12 करोड़
गिफ्ट आइटम व सजावटी सामग्री : 6-8 करोड़
सूखा मेवा व खाद्य सामग्री : 5-6 करोड़

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इनका कहना है
लोगों ने इस बार सिर्फ जरूरी चीजें नहीं, बल्कि त्यौहार को यादगार बनाने के लिए अतिरिक्त खरीदारी भी की। बच्चों के लिए डिजाइनर राखियों और कपड़ों की बिक्री उम्मीद से ज्यादा रही।
- योगेन्द्र सुमन, प्रमुख व्यापारी, घण्टाघर बाजार 

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राखी से तीन दिन पहले से ही मिठाइयों की बिक्री शुरू हो गई थी। इस बार विभिन्न तरह की मिठाइयों तैयार की गई थी। दिनभर खरीदारी का सिलसिला चलता रहा है। भीड़ के चलते अतिरिक्त काउंटर लगाना पड़ा।
- राजेश अग्रवाल, मिठाई विक्रेता, छावनी 

इस बार बाजारों में इतनी भीड़ थी कि हर दुकान पर इंतजार करना पड़ा, लेकिन खरीदारी का मजा भी इसी में है। राखी का त्यौहार साल में एक बार आता है इसलिए उत्साह से खरीदारी की।
- रोशनी देवी, निवासी तलवंडी 

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