अब एआई जला रहा कोटा की रोड लाइट्स
रीब 9 हजार लाइटें एआई बेस्ड पैनल से हो रही संचालित
कोटा। शहर में अभी तक जहां कई जगह पर रात को अंधेरा होने पर भी रोड लाइटें नहीं जलती थी और सुबह दिन निकलने के बावजूद बंद नहीं होती थी। वहीं अब ऐसा नहीं होगा। वरन् सूर्यास्त होते ही रोड लाइटें स्वत:जलने लगी हैं और सूर्योदय के साथ ही लाइटें बंद हो रही है। यह सभव हुआ है एआई बेस्ड बिजली पैनल से। शहर में नगर निगम और कोटा विकास प्राधिकरण की ओर से हजारों रोड लाइटें लगाई हुई है। केडीए की ओर से अधिकतर मुख्य मार्गों पर और केडीए एरिया में लाइटें लगाई गई है। जबकि नगर निगम की ओर से वार्डों के अंदरूनी इलाकों में लाइटें लगाई गई है।
हमेशा से रोड लाइटों को मेनुअल ही संचालित किया जा रहा था। जिसमें शाम होने से पहले कर्मचारी लाइटों के पैनल चालू करते थे और सुबह होने के बाद पैनल बंद करते थे। जिससे कई बार अंधेरा होने के बाद तक भी लाइटें चालू नहीं होती थी और दिन निकलने के बाद भी लाइटें जलती रहती थी। जिससे बिजली की खपत अधिक हो रही थी और लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इसके बाद टाइमर वाले पैनल से लाइटों को जोड़ा गया। जिससे भी काफी समय से लाइटें सही चली लेकिन बाद में इसमें भी समस्या होने लगी।
अब सनराइज व सनसैट से हो रहे पैनल संचालित
कोटा विकास प्राधिकरण की ओर से शहर में मुख्य मार्गों पर अधिकतर डेकोरेटिव लाइटें लगाई गई है। वहीं अधिकतर लाइटें एलईडी कर दी गई है। जिससे बिजली की बचत तो की जा रही है। साथ ही बिजली के पैनल को भी एआई बेस्ड किया गया है। जिसे सनराइज व सनसैट से जोड़ा गया है। अब रोजाना ऑनलाइन सनसैट होने पर रोड लाइटें जल रही हैं और सनराइज होने पर लाइटें बंद हो रही हैं।
94 पैनल जुड़े, 250 जुडऩे हैं
केडीए के अधिशाषी अभियंता(विद्युत) ललित कुमार मीणा ने बताया कि केडीए की ओर से रोड लाइटों के पैनल को एआई बेस्ड बनाया गया है। अभी तक 94 पैनल तो जुड़ चुके हैं। जिससे 5 हजार डेकोरेटिव समेत करीब 9 हजार लाइटें एआई बेस्ड पैनल से संचालित हो रही है। जबकि करीब 250 पैनल जोडऩे हैं। जिससे मुख्य मार्गों के साथ ही केडीए की सभी लाइटें इससे कनेक्ट हो जाएंगी।
यह हो रहा फायदा
एक्सईएन ललित मीणा ने बताया कि एआई बेस्ड पैनल से संचालित हो रही रोड लाइटों से एक तो समय पर सभी लाइटें जल रही हैं और समय पर ही बंद हो रही हैं। इससे मेनुअल चालू बंद करने में लगने वाले समय की समस्या समाप्त हो गई है। वहीं दिन के समय अनावश्यक रूप से जलने वाली लाइटों से अधिक हो रही बिजली की खपत की भी बचत हो रही है। साथ ही लोगों को भी परेशानी नहीं हो रही। अब शाम को सूर्यास्त होते ही स्वत: लाइटें जल रही हैं और सुबह सूर्योदय होते ही लाइटें बंद हो रही है।
ऑनलाइन हो रही मॉनिटरिंग
ललित मीणा ने बताया कि रोड लाइटों के जलने व बंद होने की प्रक्रिया की ऑनलाइन ही मॉनिटरिंग की जा रही है। संबंधित अधिकारी व कर्मचारी द्वारा लाइटों के चालू बंद होने की जानकारी ऑनलाइन की जा रही है। जिससे यदि कहीं लाइटों के जलने व बंद होने की समस्या आती है तो उसका पता चल जाता है।

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