जर्जर भवन में 42 से अधिक विद्यार्थी पढ़ने को मजबूर
25 मई को टेंडर हुआ, अब तक कार्यादेश का इंतजार
अरण्डखेड़ा। राजकीय उच्च प्राथमिक पद विद्यालय बालापुरा का भवन जर्जर होने से यहां अध्ययनरत 42 से अधिक करि छात्र-छात्राएं हर दिन डर के साए में पढ़ने ने को मजबूर हैं। स्थानीय अभिभावकों में और ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जल्द नया भवन निर्माण शुरू करवाने की मांग की है। ग्रामीण राजेंद्र मीणा ने बताया किविद्यालय भवन की स्थिति काफी खराब हो चुकी है और कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष झालावाड़ में हुए स्कूल हादसे के बाद क्षेत्र के कई जर्जर विद्यालयों को बंद कर अन्य स्थानों पर संचालित किया गया था, लेकिन बालापुरा विद्यालय की स्थिति को लेकर अभी तक अधिकारियों ने कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया। ग्रामीणों के अनुसार दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे निर्माण के दौरान विद्यालय भवन राजमार्ग की सीमा में आने से पंचायत प्रशासन ने नई भूमि आवंटित कर उसे अतिक्रमण मुक्त करवा दिया था। इसके बाद शिक्षा विभाग की ओर से भवन निर्माण के लिए बजट भीजारी कियागया।
पांच शिक्षकों की नियुक्ति की मांग
ग्रामीण राजेंद्र मीणा, सुरेशचंद मीणा, कुलदीप मीणा सहित अन्य ग्रामवासियों ने जिला शिक्षा अधिकारी कोटा, सीबीईओ लाडपुरा और शिक्षा मंत्री से मांग की है कि जल्द से जल्द वर्क ऑर्डर जारी कर भवन निर्माण शुरू करवाया जाए। साथ ही विद्यालय में प्रधानाध्यापक पद भरने और पांच शिक्षकों की नियुक्ति की मांग भी की गई है।
पूरी प्रक्रिया होने के बाद भी शुरू नहीं हुआ निर्माण
ग्रामीणों ने बताया कि नई जमीन उपलब्ध होने, बजट स्वीकृत होने और ठेकेदार का चयन होने के बावजूद अभी तक कार्यादेश जारी नहीं किया गया है। इसके बाद 25 मई 2026 को नई निविदा जारी कर ठेकेदार का चयन भी कर लिया गया, लेकिन निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका।
इनका कहना
विद्यालय भवन निर्माण का कार्य समसा (राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद) के माध्यम से करवाया जाएगा, जिसके लिए राशि स्वीकृत हो चुकी है। जल्द ही प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य शुरू करवाया जाएगा।
- केके शर्मा, अतिरिक्त ब्लॉक शिक्षा अधिकारी

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