9 दिन में तीन मौतें, सीजेरियन डिलीवरी के बाद एक और प्रसूता ने तोड़ा दम
ड्रिप चढ़ाने के बाद बिगड़ी तबीयत
कोटा। शहर के अस्पतालों में सीजेरियन डिलीवरी के बाद प्रसूताओं की मौत का सिलसिला थम नहीं रहा है। यहां 9 दिन में तीन प्रसूताओं की मौत हो चुकी है। जेके लोन हॉस्पिटल में शनिवार 24 अक्टूबर को छबड़ा (बारां) निवासी शबनम बानो (26) की मौत का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को उसका ऑपरेशन हुआ था। ड्रिप चढ़ाने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ी थी। डिलीवरी के बाद उसका ब्लड प्रेशर लो हो गया। शनिवार रात 10 बजे शबनम ने दम तोड़ दिया। मामले में परिजनों ने डॉक्टर्स समेत हॉस्पिटल स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाया है। इससे पहले शहर के न्यू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में 16 अक्टूबर को सीजेरियन के बाद किडनी फेल होने से रेशमा (40) की मौत हो गई थी। इसके एक दिन बाद 17 अक्टूबर को सीजेरियन के बाद ज्यादा ब्लीडिंग होने से रोशन बैरवा ने दम तोड़ दिया था।
परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप :
महिला के भाई सरफराज ने बताया कि 22 अक्टूबर को बारां के सरकारी अस्पताल में शबनम को भर्ती कराया था। शबनम की डिलीवरी होनी थी। डॉक्टर ने 23 अक्टूबर को ऑपरेशन करने की कहकर रात से ही खाना-पीना बंद करवा दिया था। 23 अक्टूबर को करीब 12 घंटे बीत जाने के बाद ऑपरेशन नहीं किया। उसे सही इलाज भी नहीं मिला। शबनम को कमजोरी महसूस होने लगी। बारां के हॉस्पिटल में 23 अक्टूबर को शाम करीब 7 बजे शबनम को आरएल 500 ड्रिप चढ़ाई गई। ड्रिप चढ़ाने के कुछ ही देर में उसे दौरे पड़ने शुरू हो गए।

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