272 प्लॉट घोटाले में महाघूस का मामला, 2 करोड़ का घूसखोर एसओजी का एएसपी सोनी गिरफ्तार
अपनाया शातिर तरीका, बच नहीं सका
उदयपुर। बहुचर्चित 272 प्लॉट घोटाले की जांच में एफआर लगाने और जब्त सामान वापस दिलाने के बदले दो करोड़ रुपए की रिश्वत मांगने के मामले में एसीबी ने रविवार दोपहर एसओजी के एएसपी मुकेश कुमार सोनी को गिरफ्तार कर लिया। इससे एक दिन पहले शनिवार को एसीबी ने उनके कथित दलाल सज्जन सिंह जैन उर्फ टाटला को 2 करोड़ रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा था। एसीबी ने एएसपी और दलाल को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की। जांच आगे बढ़ने पर इस प्रकरण में अन्य कार्मिकों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को परिवादी ने शिकायत दी थी कि उसके खिलाफ सूरजपोल थाने में 272 प्लॉट घोटाले से संबंधित मामला दर्ज है और इसकी जांच एसओजी के एएसपी मुकेश सोनी कर रहे हैं। मामले में एफआर लगाने और जब्त सामान वापस दिलाने के बदले 2 करोड़ रुपए की मांग की गई थी। शनिवार को सज्जन सिंह जैन रिश्वत की रकम वाला बैग लेने के लिए पहुंचा। एसीबी ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। ट्रैप में 4 लाख रुपए असली नोट और 1.96 करोड़ रुपए के डमी नोट रखे गए थे। दलाल की गिरफ्तारी के बाद एसीबी ने शनिवार देर रात मुकेश सोनी को बालोतरा स्थित उनके घर से हिरासत में लिया। रविवार दोपहर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
अपनाया शातिर तरीका, बच नहीं सका :
एएसपी सोनी ने एसीबी की पकड़ से बचने के लिए शातिर तरीका अपनाया, लेकिन वह बच नहीं सका। दलाल सज्जनसिंह ने परिवादी को एएसपी सोनी से मुलाकात करवाई। कार में हुई इस मुलाकात के दौरान एएसपी ने मोबाइल की स्क्रीन पर सिर्फ 2 करोड़ लिखकर दिखाया और मामले के निपटारे का संकेत दिया।
अब जांच का एंगल : डील में कौन-कौन शामिल
एएसपी सोनी की गिरफ्तारी के बाद एसीबी के सामने अब इस कथित रिश्वत सौदे की पूरी कड़ी सामने लाने की चुनौती है। एसीबी यह भी जांच रही है कि 2 करोड़ रुपए की मांग किस स्तर पर तय हुई, दलाल की भूमिका कितनी थी और रिश्वत की रकम के बदले जांच में किस तरह की राहत देने का भरोसा दिया गया था। एएसपी और दलाल से आमने-सामने पूछताछ के जरिए एसीबी कथित सौदे की कड़ियां जोड़ रही है।
डिप्टी एसपी के दस्तावेज दिलाने के लिए भी रचा खेल :
दो करोड़ रुपए घूस मामले में गिरफ्तार एएसपी मुकेश कुमार सोनी ने पूर्व में एक अन्य मामले में गिरफ्तार हुए डिप्टी एसपी के जब्त दस्तावेजों को दिलाने के लिए आनन -फानन में परिवादी की पत्नी की गिरफ्तारी की। इसके बाद महिला के घर सर्च ऑपरेशन चलाकर वहां से दस्तावेज जब्त किए और उनमें से कुछ डिप्टी एसपी को थमा दिए। डिप्टी एसपी ने एक उच्चाधिकारी के मार्फत सोनी पर अपने दस्तावेज निकलवाने का दबाव बनाया था।

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