एसआई भर्ती पेपर लीक मामला : परीक्षा पास कर चुके दो अभ्यर्थी गिरफ्तार, जानें पूरा मामला
7 लाख रुपए में पेपर खरीदकर परीक्षा से पहले सॉल्व पेपर पढ़ा था
जयपुर। राजस्थान पुलिस सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा-2021 के पेपर लीक मामले में एसओजी ने लिखित परीक्षा में सफल रहे दो अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि दोनों ने परीक्षा से पहले लीक हुआ सॉल्व पेपर पढ़कर परीक्षा दी थी। गिरफ्तारशुदा अरोपी नरेंद्र प्रताप सिंह ने सात लाख रुपए में पेपर लीक का सौदा किया था, जबकि आरोपी अनिल विश्नोई ने 20 लाख रुपए में पेपर हासिल किया था। दोनों लिखित परीक्षा में सफल हुए, लेकिन अलग-अलग कारणों से सब-इंस्पेक्टर पद पर अंतिम चयन नहीं हो सका।
एसओजी के उप महानिरीक्षक भुवन भूषण यादव के अनुसार दोनों अभ्यर्थियों को रविवार को गिरफ्तार किया। दोनों को अदालत में पेश किया गया, जहां से बुधवार तक पुलिस अभिरक्षा रिमांड मंजूर किया गया है।
एसओजी की जांच में सामने आया कि जयपुर ग्रामीण के रेनवाल स्थित डूंगरीकलां निवासी नरेंद्र प्रताप सिंह (28) ने अपने गांव के पेपर लीक सरगना विनोद कुमार जाट उर्फ विनोद रेवाड़ से सात लाख रुपए में सौदा किया था। नरेंद्र ने विनोद के हैंडलर से परीक्षा से पहले लीक हुआ सॉल्व पेपर पढ़कर परीक्षा दी।
इसका असर उसके परिणाम में भी दिखा। नरेंद्र ने हिंदी विषय में 200 में से 149.09 अंक और सामान्य ज्ञान में 200 में से 124.71 अंक हासिल किए और लिखित परीक्षा अवैध तरीके से पास की। हालांकि मेरिट कम रहने के कारण उसका सब-इंस्पेक्टर पद पर अंतिम चयन नहीं हो सका। विनोद कुमार जाट उर्फ विनोद रेवाड़ को एसओजी पहले ही 28 अगस्त 2025 को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ आरोप पत्र पेश कर चुकी है।
अनिल ने 20 लाख में किया था सौदा :
दूसरा गिरफ्तार आरोपी अनिल विश्नोई (25)धर्मपुरी की ढाणी भगतासनी लूणी जोधपुर है। जांच में सामने आया कि उसने अपने भाई तेजाराम विश्नोई और पेपर लीक गिरोह के सदस्य शैतानाराम निवासी करावड़ी झाब जालौर तत्कालीन कांस्टेबल यातायात शाखा जोधपुर आयुक्तालय के साथ परीक्षा से पहले लीक पेपर पढ़ने के लिए 20 लाख रुपए में सौदा किया था। शैतानाराम और गणपतलाल विश्नोई पुत्र मालाराम, निवासी करावड़ी के माध्यम से पेपर लीक सरगना भूपेन्द्र सारण पुत्र पाबूराम विश्नोई, निवासी परावा, थाना चितलवाना, जिला जालौर के हैंडलर से अनिल को परीक्षा से पहले सॉल्व पेपर पढ़ाया गया। अनिल ने हिंदी में 154.69 और सामान्य ज्ञान में 157.38 अंक हासिल किए। हालांकि वह शारीरिक दक्षता परीक्षा में असफल हो गया और सब-इंस्पेक्टर पद पर अंतिम चयन से वंचित रह गया।
गिरोह के कई आरोपी पहले ही गिरफ्तार :
एसओजी के अनुसार, पेपर लीक मामले में भूपेन्द्र सारण को 16 मार्च 2024 और शैतानाराम विश्नोई को 22 अगस्त 2024 को गिरफ्तार कर आरोप पत्र पेश किया जा चुका है। वहीं तेजाराम विश्नोई और गणपतलाल फरार हैं।

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