एचपीवी और एमआर टीकाकरण अभियान, 30 सितम्बर तक 80 प्रतिशत और 31 अक्टूबर तक शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के निर्देश
बच्चों और बालिकाओं का शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने को कहा
जयपुर। प्रदेश में बच्चों और बालिकाओं के टीकाकरण अभियान को गति देने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों को विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए हैं। मिशन निदेशक एनएचएम डॉ. जोगाराम ने टीकाकरण की समीक्षा करते हुए कम प्रगति वाले जिलों में पात्र बच्चों और बालिकाओं का शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने को कहा।
डॉ. जोगाराम ने निर्देश दिए कि 30 सितम्बर तक कम से कम 80 प्रतिशत टीकाकरण का लक्ष्य हासिल किया जाए। निर्धारित लक्ष्य पूरा नहीं करने वाले जिलों के संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, 31 अक्टूबर तक 100 प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के लिए जिलों को प्रभावी कार्ययोजना के साथ काम करने को कहा गया है।
उन्होंने टीकाकरण से छूटी हुई पात्र बालिकाओं की पहचान कर उनका रिकॉर्ड पीसीटीएस और यू-विन पोर्टल पर दर्ज करने के निर्देश दिए। जीएवीआई द्वारा चयनित जिलों में अगले तीन दिन तथा अन्य जिलों में अगले सात दिन में छूटी हुई पात्र बालिकाओं की एंट्री पूरी करने को कहा गया है।
मिशन निदेशक ने कहा कि केवल टीकाकरण कराना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रत्येक लाभार्थी की ऑनलाइन एंट्री समय पर होना भी जरूरी है। इससे टीकाकरण का सटीक रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा और छूटे हुए लाभार्थियों की पहचान भी आसानी से की जा सकेगी।
बैठक में सभी जिलों में एचपीवी और एमआर टीकाकरण की साप्ताहिक समीक्षा करने के निर्देश दिए गए। साथ ही एमआर-1 और एमआर-2 टीकाकरण के बीच के अंतर को कम करने के लिए विशेष अभियान चलाने को कहा गया। इस अंतर को 5 प्रतिशत से कम करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
डॉ. जोगाराम ने सभी पात्र लाभार्थियों का टीकाकरण सुनिश्चित करने के साथ-साथ उनकी यू-विन पोर्टल पर अनिवार्य रूप से एंट्री करने के निर्देश दिए। कम प्रगति वाले जिलों में राज्य स्तर से टीमें भेजकर स्थिति की समीक्षा करने को भी कहा गया है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन क्षेत्रों में टीकाकरण की गति कम है, वहां इसके कारणों की पहचान कर तत्काल सुधारात्मक कदम उठाए जाएं, ताकि निर्धारित समयसीमा में टीकाकरण के लक्ष्य को हासिल किया जा सके।

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