35 हजार की एवज में लिंग परीक्षण : दलाल व आईवीएफ सेंटर संचालिका गिरफ्तार, डॉक्टर ने 30 हजार रुपए लेने के बाद बताई रिपोर्ट
आवश्यक दस्तावेज सीज कर अन्य लोगों की भूमिका की जांच
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की पीसीपीएनडीटी टीम ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के एमडी डॉ अमित यादव व एएसपी डॉ हेमंत जाखड़ के निर्देशन में उदयपुर में बड़ी कार्रवाई की गई। 35 हजार रुपए में लिंग परीक्षण करने के मामले में दो महिलाओं को गिरफ्तार किया गया। जिसमें एक महिला दलाल है तो दूसरी आईवीएफ सेंटर की संचालिका।
उदयपुर। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की पीसीपीएनडीटी टीम ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के एमडी डॉ अमित यादव व एएसपी डॉ हेमंत जाखड़ के निर्देशन में उदयपुर में बड़ी कार्रवाई की गई। 35 हजार रुपए में लिंग परीक्षण करने के मामले में दो महिलाओं को गिरफ्तार किया गया। जिसमें एक महिला दलाल है तो दूसरी आईवीएफ सेंटर की संचालिका। पीबीआई थाना पुलिस आईवीएफ सेंटर से आवश्यक दस्तावेज सीज कर अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। डॉ. जाखड़ ने बताया कि सूचना मिली थी कि उदयपुर में एक दलाल गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड सेंटर्स में ले जाकर भ्रूण लिंग परीक्षण करवाती है। इस आधार पर पीसीपीएनडीटी (गर्भधारण पूर्व एवं प्रसव पूर्व निदान तकनीक (लिंग चयन प्रतिषेध) अधिनियम-1994) टीम ने एक योजना बनाकर मूलत: उत्तर प्रदेश हाल उदयपुर निवासी दलाल पूजा सागर से संपर्क साधा और गर्भवती महिला को डिकॉय के रूप में उसके पास भेजा।
35000 में तय किया सौदा
डिकॉय बनी गर्भवती महिला से दलाल महिला ने 35,000 रुपए में लिंग परीक्षण करवाना तय किया। इसके बाद गर्भवती डिकॉय महिला को अमर आशीष हॉस्पिटल एंड टेस्ट ट्यूब बेबी सेंटर में ले गई। इसके कुछ देर बाद गर्भवती महिला सहित दलाल बाहर निकली और गर्भवती महिला को धरा डायग्नोस्टिक सेंटर पर ले गई। यहां जांच के बाद दलाल पूजा गर्भवती को वापस टेस्ट ट्यूब बेबी सेंटर पर ले गई। दलाल और गर्भवती ने बताया कि सेंटर में बुलाकर सेंटर संचालिका 60 वर्षीय डॉ. नीना सक्सेना ने 30 हजार रुपए मांगे और कहा कि पहले पैसे दो फिर बताऊंगी। तीस हजार रुपए देने के बाद डॉ. नीना ने कोख में बेटा होना बताया और कहा कि भ्रूण ठीक है। टीम ने दलाल पूजा सागर पत्नी मोहित सागर और अमर आशीष हॉस्पिटल की संचालिका डॉ. नीना को हिरासत में लिया।

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