हर साल 2 करोड़ कुत्तों का सूप पी जाते हैं चीन के लोग, जिंदा ही उबाल देते हैं कसाई

हर साल 2 करोड़ कुत्तों का सूप पी जाते हैं चीन के लोग, जिंदा ही उबाल देते हैं कसाई
यह बात सच है कि चीन एक ऐसा देश है जहां कई प्रतिबंधों के बाद भी चमगादड़ से लेकर कुत्ते के मांस का व्यापार धड़ल्ले से किया जाता है।

पेइचिंग। चीन की वुहान स्थित हुनान मीट मार्केट बीते दो सालों से विवादों में है। दुनिया में कोरोना का पहला मामला यहीं सामने आया था। पहले कहा गया कि यह वायरस चमगादड़ खाने से फैला है। इस थ्योरी ने चीन के मीट व्यापार को कटघरे में लाकर खड़ा कर दिया। यह बात सच है कि चीन एक ऐसा देश है जहां कई प्रतिबंधों के बाद भी चमगादड़ से लेकर कुत्ते के मांस का व्यापार धड़ल्ले से किया जाता है। मांस व्यापार के लिए कुत्तों के साथ बर्बरता का अब एक और मामला सामने आया है। द सन की एक रिपोर्ट के मुताबिक एक संगठन ने मीट व्यापार के लिए बेचे गए कई कुत्तों को एक गोदाम से भयंकर गंदगी के बीच से रेक्स्यू किया है। इनमें एक गर्भवती कुतिया रूबी भी शामिल थी जिसके आठ पिल्लों ने कुपोषण के चलते एक के बाद एक करके दम तोड़ दिया। चीन में जानवरों के साथ क्रूरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि मीट मार्केट में बेचने के लिए कसाई इन्हें जिंदा ही उबालने वाले थे।

हर साल मार दिए जाते हैं 1 से 2 करोड़ कुत्ते

उसका शरीर आठ पिल्लों को संभालने के लिए बहुत छोटा था। उन्होंने बताया कि जन्म के वक्त पिल्लों की स्थिति अच्छी नहीं थी। जैसे-जैसे दिन बीतते गए एक के बाद एक पिल्ला हमें छोड़कर चला गया। वे इसलिए मर गए क्योंकि उनकी गर्भवती मां को सही इलाज नहीं मिला और उसके साथ क्रूरतापूर्ण व्यवहार किया गया। ह्यूमेन सोसाइटी इंटरनेशनल का अनुमान है कि चीन में हर साल 1 से 2 करोड़ कुत्ते मारे जाते हैं।यहां एक व्यस्क कुत्ता सूप या स्टू में पकाने के लिए 100 पाउंड (करीब 10 हजार रुपए) में बेचा जाता है।

भाग न सकें इसलिए काट दिया पंजा

इतना ही नहीं, कुत्तों को भागने से रोकने के लिए इनका एक पंजा काट दिया गया था। नोटूडॉग मीट नाम के संगठन ने कुत्तों का रेस्क्यू किया है और गर्भवती कुतिया की स्थिति की जानकारी दी है। लंदन की इस चैरिटी की सीईओ जूलिया डी कैडेट ने बताया कि रूबी के छोटे आकार और लंबे समय तक भूखे रहने के चलते उसे एक इमरजेंसी सीजेरियन की आवश्यकता थी।

Related Posts

Post Comment

Comment List

Latest News

विधानसभा से गांव की चौपाल तक : पंचायत चुनाव में उतरे सियासत के ये दिग्गज, पढ़े पूरी खबर विधानसभा से गांव की चौपाल तक : पंचायत चुनाव में उतरे सियासत के ये दिग्गज, पढ़े पूरी खबर
राजस्थान में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव इस बार कई मायनों में खास होने जा रहे हैं। गांवों की सरकार...
बेटी के लिए न्याय मांगा, तो आधी रात हिरासत में क्यों? खड़गे-राहुल का केन्द्र सरकार से सवाल
सोडाला चौराहे पर अचानक क्या हुआ? नीचे भीड़, ऊपर युवक…
बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व विजयादशमी 20 को, नई शुरुआत के लिए शुभ अवसर
दिल्ली प्रदर्शन में छाईं रितु बराला, राहुल की शाबाशी के बाद बदली प्रदेश की राजनीति की रुत
कभी सरपंचों के हाथ में थी प्रधानों और जिला प्रमुखों की चाबी, 1995 में बदला चुनाव का गणित
अफसर बदले, बीट सूचना बोर्ड नहीं : डेढ़ साल से पुराने नंबरों के भरोसे शहर की पुलिसिंग