ईरान के 'खारग द्वीप' पर अमेरिका ने किया हमला: फौजी ठिकानों को बनाया निशाना, लेबनान में 12 चिकित्साकर्मियों की मौत
पश्चिम एशिया महायुद्ध: खारग द्वीप तबाह, ट्रंप की ईरान को अंतिम चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि 'खारग द्वीप' पर ईरानी सैन्य ठिकानों को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया है। पलटवार में ईरान ने यूएई और कुवैत को अमेरिकी अड्डे बंद करने की चेतावनी दी है। फुजैरा पोर्ट पर तेल टैंकर पर हमला और लाल सागर में मिसाइल वार से वैश्विक तेल संकट गहरा गया है।
तेहरान। पश्चिम एशिया में चल रही जंग के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी सेना ने ईरान के सबसे महत्वपूर्ण तेल निर्यात केंद्र 'खारग द्वीप' पर स्थित सैन्य ठिकानों को "पूरी तरह तबाह" कर दिया है। ट्रंप ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करना जारी रखा, तो ईरान का पूरा तेल कारोबार संबंधी बुनियादी ढांचा अगला निशाना होगा।
खारग द्वीप पर अमेरिकी हमले के जवाब में ईरान ने सख्त रुख अपनाते हुए इन हमलों को पूरी तरह विफल बताया है। ईरानी मीडिया का दावा है कि उनके तेल निर्यात बुनियादी ढांचे को कोई नुकसान नहीं पहुँचा है और तेल की आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है। सामरिक स्तर पर ईरान ने अमेरिका और उसके सहयोगियों को 'आंख के बदले आंख' की चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि भविष्य में उनकी ऊर्जा संपत्तियों को निशाना बनाया गया, तो क्षेत्र में मौजूद सभी अमेरिकी सैन्य ठिकाने और उनसे जुड़े देशों के ऊर्जा केंद्र ईरान के वैध लक्ष्य होंगे।
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (आईआरजीसी) ने विशेष रूप से यूएई और कुवैत को चेतावनी जारी की है कि वे अपने यहाँ मौजूद अमेरिकी अड्डों को बंद करें, अन्यथा उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। कुछ रिपोर्टों के अनुसार, ईरान समर्थित समूहों ने कुवैत में एक अमेरिकी कमांड सेंटर पर ड्रोन हमला भी किया है, जिसे खारग घटना का प्रत्यक्ष प्रतिशोध माना जा रहा है।
इराक के कुर्द क्षेत्र में एरबिल के पास एक सैन्य ठिकाने पर 'ईरानी डिजाइन' वाले ड्रोन हमले में फ्रांस के एक वारंट ऑफिसर की मौत के मामले के बाद इराक और जॉर्डन में मौजूद सभी फ्रांसीसी सैन्य ठिकानों को 'लेवल 4' (अधिकतम खतरा) पर रखने के आदेश जारी किए गए, साथ ही फ्रांस ने अपनी वायुसेना को क्षेत्र में गश्त बढ़ाने का निर्देश दिया है।
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, दक्षिणी लेबनान (बुर्ज कलाविया) में एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर हुए इजरायली हवाई हमले में 12 चिकित्सा कर्मियों की मौत हो गई है। इजरायली रक्षा मंत्री कात्ज ने कहा है कि लेबनान में बुनियादी ढांचे पर हमले अभी केवल "शुरुआत" हैं। इसके जवाब में हिजबुल्लाह प्रमुख नईम कासिम ने एक "लंबे युद्ध" के लिए तैयार रहने की घोषणा की है।
इसके अलावा खाड़ी देशों पर ईरानी हमले और सैन्य जवाबी कार्रवाई भी की गयी। बीते 24 घंटों में ईरान ने इजरायल और खाड़ी देशों पर मिसाइलों और ड्रोन का नया दौर शुरू किया है। सऊदी अरब ने 6 ड्रोन और कतर ने अपनी ओर आ रही एक मिसाइल को बीच हवा में मार गिराने का दावा किया है। इसके अलावा बहरीन ने बताया कि युद्ध शुरू होने से अब तक उसने 121 मिसाइलें और 193 ड्रोन नष्ट किए हैं। इसके अलावा इराक के बगदाद में स्थित अमेरिकी दूतावास के पास एक ड्रोन हमला हुआ, जिससे परिसर में धुआं देखा गया। इस हमले में कोई हताहत नहीं हुआ लेकिन दूतावास के ढांचे को मामूली नुकसान पहुंचा। तेहरान में बने एक स्पेस सेंटर पर भी बमबारी की गयी।
संयुक्त अरब अमीरात के पूर्वी तट पर स्थित फुजैरा पोर्ट के पास कल देर रात एक बड़े तेल टैंकर को निशाना बनाया गया। प्राथमिक रिपोर्टों के अनुसार, ओमान की खाड़ी में खड़े एक व्यापारिक जहाज पर आत्मघाती ड्रोन से हमला किया गया, जिससे जहाज के एक हिस्से में भीषण आग लग गई। यह हमला एक विदेशी ध्वज वाले टैंकर पर हुआ था जो ईंधन लोड करने की प्रतीक्षा कर रहा था। हालांकि किसी भी समूह ने आधिकारिक तौर पर इसकी जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन इजरायल और अमेरिका ने इस हमले के पीछे ईरान समर्थित मिलिशिया का हाथ होने का संदेह जताया है। हमले के तुरंत बाद फुजैरा पोर्ट अथॉरिटी ने परिचालन को अस्थायी रूप से रोक दिया और आसपास के जहाजों को सुरक्षित क्षेत्रों में जाने की सलाह दी। यूएई की नौसेना और तटरक्षक बल वर्तमान में घटनास्थल पर निगरानी कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि फुजैरा दुनिया के सबसे बड़े 'बंकरिंग हब' (जहाजों में ईंधन भरने का केंद्र) में से एक है।
अमेरिका ने पश्चिम एशिया में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए 2,500 अतिरिक्त मरीन सैनिकों और एक उभयचर युद्धपोत को तैनात करने का आदेश दिया है। इसके अलावा हूतियों ने लाल सागर इलाके में एक और व्यापारिक जहाज की ओर मिसाइल दागने का दावा किया है। हालांकि, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा है कि हमले को विफल कर दिया गया और जहाज सुरक्षित है। होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यवधान के कारण वैश्विक तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है। अमेरिका ने अपने रणनीतिक भंडार से तेल बाजार में उतारने की घोषणा की है। कनाडा ने भी अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के माध्यम से 236 लाख बैरल तेल आपूर्ति का समर्थन करने का फैसला किया है।

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