अनर्ब के बाद ''चक्रवात मुरासु'' तबाही के लिख तैयार! आधी रात तक आंध्र तट से टकराने की संभावना, 120KM की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
निचले इलाकों से राहत शिविरों में पहुंचाए गए लोग
चेन्नई।पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में बना 'मुरासु' गंभीर चक्रवाती तूफान पिछले छह घंटों के दौरान 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ा है। आंध्र प्रदेश आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एपीडीएमए) ने सोमवार को बताया कि चक्रवात फिलहाल चेन्नई से 260 किलोमीटर, नेल्लोर से 290 किलोमीटर, मछलीपट्टनम से 320 किलोमीटर, कवाली से 310 किलोमीटर, ओंगोल से 330 किलोमीटर और विशाखापत्तनम से 470 किलोमीटर दूर है। चक्रवात के सोमवार देर रात या मंगलवार तड़के नेल्लोर और नरसापुरम के बीच ओंगोल के निकट तट पार करने की संभावना है। तट से टकराते समय हवा की रफ्तार 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे रहने और झोंकों के 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है। इसके प्रभाव से आज और कल दक्षिण तटीय क्षेत्र तथा रायलसीमा में भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका है।
आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के प्रबंध निदेशक एवं रियल टाइम गवर्नेंस सोसाइटी (आरटीजीएस) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रखर जैन ने बताया कि कृष्णा, गुंटूर, बापटला, प्रकाशम, मार्कापुरम और नेल्लोर जिलों में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। एक-दो स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश भी हो सकती है। एलुरु, पूर्वी गोदावरी, पश्चिमी गोदावरी, एनटीआर, पलनाडु, तिरुपति और चित्तूर जिलों के कुछ हिस्सों में बहुत भारी बारिश होने की आशंका है। वहीं, अल्लूरी, पोलावरम, काकीनाडा और कोनसीमा जिलों के कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। नांदयाल, वाईएसआर कडप्पा और अन्नमय्या जिलों के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश का अनुमान है।
जैन ने बताया कि राहत एवं बचाव कार्यों में सहायता के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की छह और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की सात टीमें पहले ही तैनात कर दी गयी हैं। उन्होंने लोगों को बेहद सतर्क रहने की सलाह दी। एहतियात के तौर पर सरकार ने आज सभी शैक्षणिक संस्थानों में अवकाश घोषित किया है। इस बीच, परिवहन मंत्री एम. रामप्रसाद रेड्डी ने चक्रवात के मद्देनजर आंध्र प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (एपीएसआरटीसी) के अधिकारियों को सतर्क किया है। उन्होंने दुर्घटनाओं से बचने के लिए घाट सड़कों जैसे संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती के निर्देश दिए हैं। उन्होंने उत्तर आंध्र के जिलों में भी अतिरिक्त एहतियाती उपाय करने को कहा, क्योंकि चक्रवात का सबसे अधिक असर इन क्षेत्रों पर पड़ने की आशंका है।
काकीनाडा जिले में भारी बारिश हुई है। तड़के शुरू हुई लगातार बारिश से कई इलाके जलमग्न हो गए, जिससे लोगों को काफी परेशानी हुई। प्रमुख सड़कों और चौराहों पर पानी जमा हो गया। काकीनाडा के शांति नगर, सांबा मूर्ति नगर, पेद्दा मार्केट, गुडारिगुंटा, सुरेश नगर और आरटीसी बस स्टैंड के आसपास स्थित शशिकांत नगर में एक से दो फुट तक पानी भर गया। गुडूर, कवाली और आत्मकुर के राजस्व मंडल अधिकारी (आरडीओ) कार्यालयों में नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं। आपातकालीन सहायता के लिए नेल्लोर जिला कलेक्ट्रेट के फोन नंबर 0861-2331261 और व्हाट्सऐप नंबर 7995576699 पर संपर्क किया जा सकता है।
चक्रवात के मद्देनजर बिजली विभाग ने भी कई जिलों में नियंत्रण कक्ष स्थापित किये हैं और लोगों से सहायता के लिए संपर्क करने की अपील की है। इसके लिए टोल फ्री नंबर 1912 जारी किया गया है। लोगों को सतर्क रहने और टूटकर गिरे बिजली के तारों या उखले हुए बिजली के खंभों को छूने से बचने की सलाह दी गयी है। मौसम विज्ञान केंद्र ने इसके प्रभाव के चलते तेलंगाना के नलगोंडा और नागरकुर्नूल जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। तीन नवंबर को यहां भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है, जबकि कुछ अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश भी हो सकती है। उसी दिन सूर्यपेट, महबूबनगर और वानपर्थी जिलों के कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने के आसार है। नलगोंडा, सूर्यपेट, महबूबनगर, नागरकुर्नूल और वानपर्थी जिलों के कुछ हिस्सों में आंधी-तूफान के साथ बिजली गिरने और 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है, जिनकी गति 70 किमी प्रति घंटे तक भी पहुंच सकती है।
आईएमडी ने 2, 3 और 4 नवंबर को तेलंगाना के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का अनुमान भी जताया है। अगले छह दिनों के दौरान राज्य के कुछ इलाकों आंधी-तूफान के साथ बिजली गिरने और 30-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के आसार है। इस दौरान तेलंगाना में कई जगहों, ज्यादातर जगहों या कुछ अलग-अलग स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है।

Comment List