अभिषेक बनर्जी को हाईकोर्ट से बड़ी राहत: गिरफ्तारी पर लगी रोक, जांच में सहयोग करने का निर्देश
पूछताछ के लिए अभिषेक बनर्जी को हिरासत में लेने की कोई ज़रूरत नहीं
कोलकाता। कलकत्ता उच्च न्यायालय ने मंगलवार को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद अभिषेक बनर्जी की उनके खिलाफ दर्ज तीन प्राथमिकियों के मामले में 30 नवंबर तक गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। अभिषेक बनर्जी को कोलकाता के भवानीपुर पुलिस स्टेशन और दक्षिण 24 परगना के कालीतला और बिष्णुपुर पुलिस स्टेशनों में उनके खिलाफ दर्ज तीन प्राथमिकियों के मामले में गिरफ्तारी पर 30 नवंबर तक रोक लगा दी है। कलकत्ता उच्च न्यायालय ने गिरफ्तारी पर रोक 30 नवंबर तक बढ़ाते हुए कहा कि इन मामलों में पूछताछ के लिए अभिषेक बनर्जी को हिरासत में लेने की कोई ज़रूरत नहीं है।
न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य ने हालांकि बनर्जी को जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया। न्यायालय ने कहा कि अगर जांच एजेंसी को उनकी मौजूदगी की ज़रूरत होती है, तो उन्हें कम से कम 48 घंटे पहले सूचित करना होगा। न्यायालय ने यह भी साफ किया कि अगर बनर्जी जांच में सहयोग नहीं करते हैं, तो राज्य सरकार न्यायालय का रुख कर सकती है। वह न्यायालय की इजाज़त के बिना विदेश यात्रा नहीं कर सकते। न्यायमूर्ति ने ध्यान दिलाया कि उच्चतम न्यायालय ने अभिषेक बनर्जी को 10 अगस्त को आंखों के इलाज के लिए विदेश जाने की इजाज़त दी थी। उन्होंने हालांकि अभी तक यात्रा नहीं की है।
न्यायालय ने साफ किया कि उसके आदेश का असर उच्चतम न्यायालय द्वारा विदेश में इलाज के लिए दी गयी इजाज़त पर नहीं पड़ेगा। इस मामले की अगली सुनवाई 23 नवंबर को तय की गयी है। पश्चिम बंगाल में 2026 के विधानसभा चुनावों के पश्चात सरकार बदलने के बाद बनर्जी के खिलाफ़ अलग-अलग आरोपों में 16 प्राथमिकी दर्ज की गयी थीं। इन प्राथमिकियों को चुनौती देते हुए डायमंड हार्बर सीट से सांसद अभिषेक बनर्जी ने अदालत का रुख किया था। आज के आदेश के साथ, उन्हें अब 16 में से आठ मामलों में राहत मिल गयी है।

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