पंजाब को बर्बाद कर चुकी मान सरकार के मंत्री चीमा, गुलजार सिंह की मौत के जिम्मेदार, दें इस्तीफा : बाजवा
पंजाब सरकार के खिलाफ कांग्रेस के आरोप
नई दिल्ली। पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने राज्य के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा का इस्तीफा मांगते हुए आरोप लगाया है कि नशे के मुद्दे पर सरकार के दावे का विरोध करने वाले गुलजार सिंह पर चीमा ने माफी मांगने का दबाव बनाया जिससे परेशान होकर गुलजार ने सल्फास खाकर आत्महत्या कर ली। बाजवा ने मंगलवार को कांग्रेस मुख्यालय में यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि छह सितंबर को एक सभा में चीमा ने दावा किया था कि सरकार की नशे के खिलाफ शुरू की गयी लड़ाई सफल रही है। इस पर गांव के गुलजार सिंह ने मंत्री के दावे को गलत बताते हुए कहा था कि नशा आज पंजाब के हर घर तक पहुंच चुका है। अगले दिन गांव के पंच सहित आम आदमी पार्टी के समर्थक गुलजार सिंह के घर पहुंचे और उनसे श्री चीमा से माफी मांगने को कहा, लेकिन उन्होंने माफी मांगने से इनकार कर दिया। इसके बाद उन पर दबाव बढ़ाया गया तो परेशान गुलजार सिंह ने एक वीडियो जारी कर आरोप लगाया कि मंत्री के इशारे पर उन्हें डराया-धमकाया जा रहा है। बाद में सल्फास खाकर गुलजार सिंह के जान देने की खबर सामने आयी।
कांग्रेस नेता ने कहा कि इस मामले में चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है लेकिन श्री चीमा के खिलाफ ना मामला दर्ज हुआ और न कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने मांग की है कि मंत्री का इस्तीफा लिया जाए और घटना में शामिल सभी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाये। उन्होंने आरोप लगाया कि नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाली सरकार ही नशे के मुद्दे पर सवाल उठाने वालों के साथ बर्बरता कर रही है। आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल ने पंजाब के लोगों को भरोसा दिया था कि उनकी सरकार बनने के चार महीने बाद राज्य में कहीं नशा नहीं मिलेगा लेकिन आज स्थिति इसके बिल्कुल उलट है। पंजाब पुलिस पर भी निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने उसे 'निजी मिलिशिया' बना दिया है। युवा, किसान, सरकारी कर्मचारी, मनरेगा कर्मी, आशा कार्यकर्ता और मजदूर अपने अधिकारों के लिए प्रदर्शन करते हैं तो उनके खिलाफ पुलिस बल का इस्तेमाल किया जा रहा है।
बाजवा ने पंजाब के मुख्यमंत्री के साथ पार्टी नेता मनीष सिसोदिया की एक आंतरिक बैठक का भी जिक्र किया जिसमें पंजाब में दोबारा सरकार बनाने के लिए 'साम, दाम, दंड, भेद' अपनाने की बात कही गयी थी। उन्होंने कहा कि पंजाब में अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे लोगों के साथ सरकार बर्बरता से पेश आ रही है। पंजाब की आर्थिक स्थिति को लेकर उन्होंने कहा कि राज्य का कर्ज दो लाख 72 हजार करोड़ रुपये से बढ़कर चार लाख 75 हजार करोड़ रुपये हो गया है। पंजाब को आर्थिक रूप से बर्बाद कर दिया गया है और सरकार जहां से भी पैसा मिल रहा है, वहां से कर्ज ले रही है। उन्होंने कहा कि पेंशनरों का करीब 15 हजार करोड़ रुपये बकाया है।
उन्होंने कहा कि पंजाब के हालात बेहद नाजुक हैं और सीमावर्ती राज्य होने के कारण स्थिति और गंभीर है। उन्होंने आरोप लगाया कि आप सरकार ने 'रंगीला पंजाब' को 'कंगला पंजाब' बना दिया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जिस राज्य का मुख्यमंत्री विधानसभा में शराब पीकर आ सकता है, उस राज्य के भविष्य की चिंता होना स्वाभाविक है। इस बीच कांग्रेस संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने भी सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर पंजाब सरकार पर निशाना साधाते हुए आरोप लगाया कि नशे से बर्बाद अपने बेटे का दर्द बयां करने और चीमा से खुलेआम नशा बिकने पर सवाल पूछने वाले गुलजार सिंह को आत्महत्या के लिए मजबूर होना पड़ा। उन्होंने कहा कि यदि आप सरकार नशा माफिया से नहीं मिली है तो चीमा को तत्काल बर्खास्त किया जाना चाहिए।

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