कर्नाटक स्टिंग ऑपरेशन की जांच में दिल्ली कनेक्शन आया सामने, सीसीटीवी फुटेज के आधार पर एक और संदिग्ध की पहचान
जांच में सहयोग न करने पर उठे सवाल
बेंगलुरु। कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दारमैया को निशाना बनाकर किए गए स्टिंग ऑपरेशन वीडियो मामले की जांच में दिल्ली कनेक्शन सामने आया है, जिसके तहत दिल्ली के एक और संदिग्ध की पहचान की गई है । राज्य के गृहमंत्री प्रियांक खरगे ने रविवार को बताया कि जांचकर्ताओं ने दिल्ली में एक और संदिग्ध की पहचान की है और इस मामले से जुड़ा सीसीटीवी फुटेज भी हासिल कर लिया है। खरगे ने कहा कि तकनीकी विश्लेषण से अहम सुराग मिले हैं। अब जांचकर्ता इस ऑपरेशन के पीछे शामिल लोगों, इस्तेमाल किए गए उपकरणों और दिए गए निर्देशों का पता लगा रहे हैं।
उन्होंने कलबुर्गी में संवाददाताओं से कहा, इस मामले में एक व्यक्ति की गिरफ्तारी के बाद दिल्ली में एक और व्यक्ति की पहचान की गई है। इससे जुड़ा सीसीटीवी फुटेज भी मौजूद है। मंत्री ने बताया कि जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि स्टिंग ऑपरेशन में इस्तेमाल किए गए उपकरण कहां से खरीदे गए, किसने इन्हें हासिल किया और किसके निर्देश पर इनका इस्तेमाल किया गया। खरगे ने बताया कि तीन लोगों ने, जिनमें से दो दिल्ली के हैं उन्होंने पहले आधिकारिक तौर पर कुमारस्वामी के साथ काम किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय मंत्री के साथ काम कर चुके कुछ लोग और उनके करीबी सहयोगी, समन भेजे जाने के बावजूद जांचकर्ताओं के सामने पेश नहीं हो रहे हैं।
खरगे ने कुमारस्वामी की टिप्पणी पर सवाल उठाते हुए पूछा कि केंद्रीय मंत्री ने अपने पूर्व सहयोगियों को जांच में सहयोग करने के लिए क्यों नहीं कहा। गृहमंत्री ने कहा कि जांच से यह साफ हो जाएगा कि यह ऑपरेशन कहां से शुरू हुआ और इसके पीछे कौन लोग थे, जिन्होंने इसे अंजाम दिया और सामग्री को प्रसारित किया। उन्होंने बताया कि प्राथमिकी में रिकॉर्डिंग के प्रसार और इसके पीछे शामिल लोगों का विशेष रूप से जिक्र है।
खरगे ने कहा, अगर जांच के दौरान किसी व्यक्ति पर शक होता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो। इस जांच में रिकॉर्डिंग के समय को लेकर अलग-अलग दावे भी सामने आए हैं। कुछ लोगों का कहना है कि यह 2011 का है, जबकि अन्य का दावा है कि इसे 2023 में बनाया गया था और यह 2026 में सामने आया। खरगे ने कुमारस्वामी की टिप्पणियों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ऊंचे पदों पर बैठे लोगों को अपने पद की गरिमा बनाए रखनी चाहिए, न कि व्यक्तिगत हमले करने चाहिए या जाति और परिवार को लेकर अपमानजनक बातें कहनी चाहिए। मंत्री ने कहा कि आगे की जांच से और भी तथ्य सामने आने की उम्मीद है।

Comment List