फिल्म अभिनेता नाना पाटेकर का निधन : अभिनय की बुलंद आवाज खामोश , 75 की उम्र में आया कार्डियक अरेस्ट
गंभीर, नकारात्मक और हास्य भूमिकाओं में भी छोड़ी अलग छाप
मुंबई। दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन की खबर से मनोरंजन जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। गोवा के डोना पाउला स्थित घर में बेहोश मिलने के बाद उन्हें निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की कोशिश की। बताया गया कि उन्हें गंभीर कार्डियक अरेस्ट आया था।
नाना पाटेकर ने 1978 में फिल्म ‘गमन’ से अभिनय की शुरुआत की। ‘अंकुश’ ने उन्हें पहचान दिलाई, जबकि ‘परिंदा’, ‘प्रहार’, ‘तिरंगा’, ‘क्रांतिवीर’ और ‘खामोशी’ जैसी फिल्मों ने उन्हें हिंदी सिनेमा के दिग्गज कलाकारों में शामिल किया। उन्होंने गंभीर, नकारात्मक और हास्य भूमिकाओं में भी अपनी अलग छाप छोड़ी।
2025 में वे ‘हाउसफुल 5’ में नजर आए थे। अभिनय के साथ वे लेखन और फिल्म निर्माण से भी जुड़े रहे। कारगिल युद्ध के दौरान उनके योगदान का भी उल्लेख मिलता है। उन्हें तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, चार फिल्मफेयर पुरस्कार और 2013 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया।
मोदी ने व्यक्त किया गहरा शोक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फिल्म अभिनेता नाना पाटेकर के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए उनके व्यक्तित्व और भारतीय सिनेमा में उनके उल्लेखनीय योगदान का स्मरण किया है। मोदी ने नाना पाटेकर को एक अनोखा और तरह-तरह के किरदार को जीवंत करने वाला बहुमुखी अभिनेता बताते हुए उनकी प्रतिभा का स्मरण किया है। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर एक संदेश में कहा, नाना पाटेकर जैसी तीव्रता, अनोखापन और दमदार मौजूदगी बहुत कम अभिनेताओं में देखने को मिलती है। उन्होंने हर किरदार में अछ्वुत विविधता और रचनात्मकता का परिचय दिया और हमें ऐसे पात्र दिए। मोदी ने कहा कि पाटेकर को उनके बेबाक और स्पष्ट विचारों के लिए भी सराहा जाता था। वे अपनी बात कहने में कभी नहीं हिचकिचाते थे। प्रधानमंत्री ने कहा, हिंदी और मराठी सिनेमा में नाना पाटेकर का योगदान बहुत बड़ा है। उनके निधन से एक बड़ी कमी हो रही है। उनके परिवार, दोस्तों और अनगिनत प्रशंसकों के प्रति मेरी संवेदनाएं।

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