जिहाद के मुद्दे पर मोहन भागवत को दी गई ओवैसी की चुनौती की सरकार ने की कड़ी आलोचना, लापरवाह और संवेदनहीन दिया करार
ओवैसी बनाम भाजपा: 'जिहाद' के मुद्दे पर तेलंगाना में छिड़ी जुबानी जंग
तेलंगाना भाजपा ने सांसद असदुद्दीन ओवैसी के बयान को संवेदनहीन बताया है। पार्टी ने आरोप लगाया कि ओवैसी डेटा की आड़ में 'संगठित गलत कामों' और धर्मांतरण जैसे गंभीर मुद्दों को नजरअंदाज कर रहे हैं।
हैदराबाद। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की तेलंगाना इकाई ने सोमवार को ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) सांसद असदुद्दीन ओवैसी की कड़ी आलोचना करते हुए राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत को 'जिहाद' के मुद्दे पर दी गई चुनौती को लापरवाह और संवेदनहीन करार दिया है। भाजपा ने आरोप लगाया कि सांसद असदुद्दीन ओवैसी की टिप्पणियां या तो जानबूझकर दिखाई गई अज्ञानता को दर्शाती हैं या फिर व्यक्तिगत स्वतंत्रता के बहाने 'संगठित गलत कामों' को संरक्षण देने का एक जानबूझकर किया गया प्रयास है।
एक बयान में भाजपा की राज्य इकाई के मुख्य प्रवक्ता एन वी सुभाष ने कहा, ओवैसी द्वारा इस मुद्दे को 'व्यक्तिगत पसंद' तक सीमित करने का प्रयास बौद्धिक रूप से बेईमानी और राजनीति से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि जिहाद की अवधारणा, चाहे वह वैचारिक हो, मनोवैज्ञानिक हो या जबरदस्ती वाली हो, अच्छी तरह से दर्ज है। संघ प्रमुख की टिप्पणियों को राजनीतिक लाभ के लिए मरोडऩा जमीनी हकीकतों को नहीं बदलता है।
एन वी सुभाष ने ओवैसी द्वारा 'लव जिहाद' पर 'डेटा' मांगे जाने के संदर्भ में इसे शरारतपूर्ण और भ्रामक बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि हालांकि, केंद्र सरकार ने संसद में स्पष्ट किया है कि 'लव जिहाद' शब्द के तहत कोई केंद्रीकृत डेटा मौजूद नहीं है, लेकिन कई राज्यों ने पीड़ितों और उनके परिवारों की शिकायतों के आधार पर गैर-कानूनी धार्मिक रूपांतरण कानूनों के तहत मामले दर्ज किए हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात और उत्तराखंड ने जांच के बाद ऐसे मामलों को स्वीकार किया है।
एन वी सुभाष ने टिप्पणी करते हुए कहा, सिर्फ इसलिए क्योंकि कोई केंद्रीय लेबल वाला डेटासेट नहीं है, ओवैसी का यह ढोंग करना कि यह मुद्दा मौजूद ही नहीं है, ठीक वैसा ही है जैसे भ्रष्टाचार से इनकार करना क्योंकि उस पर अलग-अलग कानूनों के तहत मुकदमा चलाया जाता है। सांसद असदुद्दीन ओवैसी की इस टिप्पणी पर कि मुस्लिम युवाओं को रोजगार की जरूरत है और आरएसएस उन्हें 'गुमराह' कर रहा है, भाजपा नेता ने कहा कि इस बयान से पाखंड झलकता है। उन्होंने झूठी पहचान, भावनात्मक हेरफेर और धर्मांतरण के दबाव के माध्यम से दूसरे धर्मों की लड़कियों को लुभाने के कथित संगठित प्रयासों की चुप्पी पर सवाल उठाया और पूछा कि क्या ये अलग-थलग घटनाएं थीं या राज्यों में दोहराया जाने वाला एक स्वरूप।
एन वी सुभाष ने कहा कि खोजी रिपोर्ट,'द केरला स्टोरी' जैसी फिल्मों और हालिया सार्वजनिक बहस ने सांसद असदुद्दीन ओवैसी जैसे नेताओं को विचलित कर दिया है, क्योंकि ये असहज करने वाले मुद्दों को खुलकर सामने ला रहे हैं। भाजपा नेता एन वी सुभाष ने कहा कि आंकड़ों की बार-बार मांग करना और मुद्दे को खारिज करने का प्रयास सोची-समझी इनकार की रणनीति को दर्शाता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस तरह के हथकंडे जबरन और धोखाधड़ी वाले धार्मिक धर्मांतरण से जुड़ी चिंताओं की गंभीरता को कम नहीं कर पाएंगे।

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