करवा चौथ पर पति ने दिया जिंदगी का अनमोल तोहफा, पत्नी को किडनी देकर निभाया सात फेरों का वचन
सीरम क्रिएटिनिन घटकर हुआ 0.70 mg/dl
नई दिल्ली। करवा चौथ पर जहां पति-पत्नी एक-दूसरे की लंबी उम्र की कामना करते हैं, वहीं संजय ने अपनी पत्नी रूबी को जिंदगी का सबसे अनमोल तोहफा दिया। 32 वर्षीय रूबी किडनी फेल होने के कारण नियमित डायलिसिस पर निर्भर थीं। पत्नी की तकलीफ देखकर 46 वर्षीय संजय ने अपनी किडनी डोनेट करने का फैसला किया और उन्हें नई जिंदगी की उम्मीद दी। शारदाकेयर-हेल्थसिटी में डॉक्टरों की टीम ने सफलतापूर्वक किडनी ट्रांसप्लांट किया। खास बात यह रही कि दोनों के ब्लड ग्रुप अलग-अलग थे। रूबी का ब्लड ग्रुप बी पॉजिटिव, जबकि संजय का ए पॉजिटिव है। ऐसे में ट्रांसप्लांट से पहले रूबी को रिटक्सिमैब दवा देकर विशेष डिसेन्सिटाइजेशन प्रक्रिया पूरी की गई, ताकि शरीर नई किडनी को स्वीकार कर सके।
डॉ. अनिल शर्मा, डॉ. अहमद कमाल और डॉ. कुणाल राज गांधी की टीम ने यह जटिल प्रक्रिया पूरी की। डॉक्टरों के अनुसार, ट्रांसप्लांट के बाद रूबी का किडनी फंक्शन बेहतर हुआ और सीरम क्रिएटिनिन 0.70 mg/dl तक पहुंच गया। दोनों को स्थिर हालत में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। इस करवा चौथ पर संजय ने उपहारों से नहीं, बल्कि अपनी किडनी देकर सात फेरों के वचन को निभाने की मिसाल पेश की।

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