बंगाल की खाड़ी में चक्रवात का खतरा! ओडिशा में बंद होंगे स्कूल, 302 बचाव दल तैयार; तमिलनाडु-पुडुचेरी में बारिश का अलर्ट
28 अक्टूबर को आंध्र तट से टकराने का अनुमान
नई दिल्ली। बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र चक्रवाती तूफान में बदलने की ओर बढ़ रहा है। मौसम विभाग के पूवार्नुमान के अनुसार, यह तूफान 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश के तट से टकरा सकता है। इस दौरान हवा की रफ्तार 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटा रहने और झोंके 140 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने की आशंका है। तूफान के खतरे को देखते हुए ओडिशा के पांच जिलों में स्कूल, कॉलेज और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रखने का फैसला किया गया है।
वहीं, आंध्र प्रदेश और ओडिशा में प्रशासन ने राहत एवं बचाव की तैयारियां तेज कर दी हैं। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की है। सरकार के मुताबिक, राहत एवं बचाव कार्यों के लिए 302 टीमें तैयार रखी गई हैं। इनमें ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल की करीब 60 टीमें, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल की 17 टीमें और दमकल विभाग की 225 टीमें शामिल हैं। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और जरूरत पड़ने पर गर्भवती महिलाओं व मरीजों को स्वास्थ्य केंद्रों में स्थानांतरित करने के निर्देश दिए गए हैं।
भारी से अति भारी बारिश की आशंका
तूफान के खतरे को देखते हुए ओडिशा सरकार ने गंजाम, गजपति, रायगढ़ा, कोरापुट और मलकानगिरी में 28 और 29 अक्टूबर को स्कूल, कॉलेज और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रखने का फैसला किया है। इन जिलों में भारी से अत्यंत भारी बारिश की आशंका है। अन्य जिलों में शैक्षणिक संस्थानों को बंद करने का फैसला स्थानीय परिस्थितियों के आकलन के बाद जिला कलेक्टर करेंगे।
140 किमी प्रति घंटा तक होगी हवा की रफ्तार
संभावित लैंडफॉल के दौरान तूफान की रफ्तार 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटा रहने का अनुमान है। हवा के तेज झोंके 140 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकते हैं। ऐसे में तटीय इलाकों में तेज हवाओं और भारी बारिश से नुकसान की आशंका है।

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