पंचायत चुनाव पहला चरण : सरपंचों के परिणाम जारी, 83.05 प्रतिशत रहा मतदान
शाम को नतीजे घोषित
जयपुर। प्रदेश में पंचायतीराज चुनाव के पहले चरण में 24 अक्टूबर के तहत 16 जिलों की 3,314 ग्राम पंचायतों में सरपंच और वार्ड पंचों के लिए वोटिंग हुई। वोटिंग के तुरंत बाद स्थानीय स्तर पर हुई मतगणना में रविवार शाम तक प्रदेशभर में 2,445 ग्राम पंचायतों के सरपंचों के परिणाम आधिकारिक रूप से घोषित किए गए। शेष के परिणाम जारी होने की प्रक्रिया जारी रही। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार पहले चरण में पंच-सरपंच का कुल मतदान 83.05 प्रतिशत रहा, जो पिछली बार की तुलना में थोड़ा ज्यादा है। बाड़मेर की सेड़वा पंचायत समिति में सबसे अधिक 93.03 वोटिंग हुई। राजस्थान में पंचायतीराज चुनाव के पहले चरण के तहत शनिवार को 16 जिलों की 3,314 ग्राम पंचायतों में सरपंच और 28,682 वार्ड पंच पदों के लिए चुनाव कराया गया था। कई जगह मुकाबले रोचक रहे। जोधपुर जिले की राजगढ़ ग्राम पंचायत में सरपंच पद का फैसला महज तीन वोटों से हुआ।
वार्ड पंच चुनेंगे उपसरपंच :
पहले चरण के तहत निर्वाचित वार्ड पंचों ने रविवार को अपनी ग्राम पंचायतों में उपसरपंच का चुनाव करने के लिए वोट डाले। इनके परिणाम की प्रक्रिया जारी है। इसके साथ ही दूसरे चरण में 28 अक्टूबर को जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए मतदान होगा। 29 अक्टूबर को पंच सरपंच पदों के लिए नामांकन होंगे तथा 30 अक्टूबर को मतदान होगा। जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव की मतगणना 20 नवंबर को होगी।
तीसरे चरण में पंचायत समिति सदस्य के 9540 नामांकन वैध :
राजस्थान में पंचायतीराज चुनाव के तीसरे चरण में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य पदों के लिए नामांकन पत्रों की जांच की प्रक्रिया पूरी हो गई है। पंचायत समिति सदस्य पदों के लिए दाखिल 12,849 नामांकन पत्रों में से जांच के बाद 9,540 उम्मीदवारों के नामांकन वैध पाए गए हैं। अब सोमवार को नाम वापसी के बाद चुनाव मैदान में बचे प्रत्याशियों की स्थिति स्पष्ट होगी। आयोग के अनुसार 26 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे तक अभ्यर्थी नाम वापस ले सकेंगे। इसके बाद चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों की अंतिम सूची जारी की जाएगी और चुनाव चिह्न आवंटित होंगे। तीसरे चरण में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य पदों के लिए 3 नवंबर को मतदान होगा। मतदान सुबह 7 से शाम 6 बजे तक कराया जाएगा।
राजस्थान पंचायत चुनाव : पहले चरण के चर्चित नतीजे
दुर्जनियावास (जयपुर): झोटवाड़ा पंचायत समिति की ग्राम पंचायत में मंजू ने महज 3 वोटों से सरपंच चुनाव जीता।
राजगढ़ (जोधपुर): यहां भी सरपंच चुनाव में जीत-हार का फैसला सिर्फ 3 वोटों से हुआ।
जसनाथ नगर (बीकानेर): विजेता और उपविजेता के बीच केवल 8 वोटों का अंतर रहा।
कालवाड़ (जयपुर): नरेंद्र कुमार मीणा को 3,608 वोट मिले। उन्होंने 857 वोटों से जीत दर्ज की।
बरणगांव (नागौर): सांसद हनुमान बेनीवाल के परिवार की राजबाला बेनीवाल ने 982 वोट हासिल कर जीत दर्ज की। उनकी सगी बहन और बड़ी भाभी मीरा बेनीवाल को सिर्फ 21 वोट मिले। जीत का अंतर 961 वोट रहा।
खरनाल (नागौर): हनुमान बेनीवाल के करीबी रालोपा नेता ओमप्रकाश गोदारा सरपंच चुनाव जीत गए।
खींवसर: भाजपा विधायक रेवंतराम डांगा के भतीजे को सरपंच चुनाव में हार का सामना करना पड़ा।
नागौर: पूर्व सांसद ज्योति मिर्धा के समर्थक काला चुनाव हार गए। हनुमान बेनीवाल समर्थित प्रत्याशी खोजा ने जीत दर्ज की।
जयपुर ग्रामीण: जालसू की एक पंचायत में पूर्व प्रधान के परिवार की बहू ने त्रिकोणीय मुकाबले में 320 वोटों से जीत हासिल की। शाहपुरा में पूर्व विधायक के चचेरे भाई को निर्दलीय युवा प्रत्याशी ने 142 वोटों से हराया।
बाड़मेर: गुढ़ामलानी की दो पंचायतों में पूर्व जिला परिषद सदस्यों के परिजनों ने जीत दर्ज की। जिले में 7 सरपंच निर्विरोध चुने गए।
बीकानेर: पूगल क्षेत्र में पार्वती ने 1,655 वोटों के अंतर से बड़ी जीत दर्ज की।
सीकर: लक्ष्मणगढ़ की एक पंचायत में वर्तमान प्रधान के भाई को किसान के बेटे ने 88 वोटों से हराया।
अलवर: तिजारा और बहरोड़ की 5 पंचायतों में पूर्व सरपंचों के बेटों या बहुओं ने जीत दर्ज की।
निर्विरोध निर्वाचन: प्रदेश में 119 सरपंच निर्विरोध चुने जाने का दावा।

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