भारत-पोलैंड का 2030 तक व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य, मोदी ने कहा- रक्षा और तकनीक में सहयोग बढ़ेगा
ऐतिहासिक-सांस्कृतिक संबंधों का विस्तार
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि भारत और पोलैंड ने वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का साझा लक्ष्य रखा है। दोनों देश कंपनियों के बीच सहयोग बढ़ाकर दुनिया के लिए भरोसेमंद आपूर्ति व्यवस्था विकसित करने की दिशा में भी काम करेंगे। पीएम मोदी ने भारत यात्रा पर आए पोलैंड के प्रधानमंत्री के साथ गुरुवार को यहां द्विपक्षीय वार्ता के बाद संयुक्त प्रेस वक्तव्य में कहा कि वर्ष 2024 में उनकी पोलैंड यात्रा के दौरान दोनों देशों के संबंधों को रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया गया था। पिछले दो वर्षों में इस साझेदारी ने नई गति पकड़ी है और हाल की बैठक में इसे और मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौता लागू होने पर भारत से पोलैंड को मशीनरी, रसायन, प्लास्टिक और इंजीनियरिंग सामान के निर्यात के नए अवसर खुलेंगे। इसके साथ ही रेलवे, परिवहन, आधुनिक विनिर्माण, खाद्य प्रसंस्करण और जैव प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में पोलैंड से निवेश आकर्षित करने की संभावनाएं बढ़ेंगी। उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने रक्षा, अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा के क्षेत्रों में संबंध मजबूत करने पर सहमति जताई है। भारत ने इन क्षेत्रों में पोलैंड की कंपनियों को संयुक्त विकास और उत्पादन के लिए आमंत्रित किया है। महत्वपूर्ण खनिजों और कोयला गैसीकरण के क्षेत्र में भी नई साझेदारियां विकसित की जाएंगी।
सूचना प्रौद्योगिकी और साइबर सुरक्षा में सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए भारत और पोलैंड ने भारत-पोलैंड स्टार्टअप सेतु स्थापित करने पर सहमति बनाई है। दोनों देशों के युवाओं के बीच तकनीकी प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाएंगी। इससे कृत्रिम बुद्धिमत्ता, साइबर सुरक्षा, वित्तीय तकनीक और उभरती तकनीकों में सहयोग बढ़ाने के साथ युवाओं के लिए नए अवसर पैदा होंगे। पीएम मोदी ने कहा कि भारत और पोलैंड के संबंध केवल कूटनीति तक सीमित नहीं हैं, बल्कि दोनों देशों के बीच मानवता और संवेदना की साझा विरासत भी है। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जामनगर और कोल्हापुर के राजपरिवारों ने पोलैंड के हजारों बच्चों और परिवारों को भारत में आश्रय दिया था। पोलैंड के लोग आज भी जाम साहब को सम्मान से 'दोब्री महाराजा' कहते हैं।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 में यूक्रेन से भारतीय विद्यार्थियों की सुरक्षित वापसी में पोलैंड ने सहयोग दिया था। जाम साहब युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम के माध्यम से पोलैंड के युवा भारत आ रहे हैं, जिससे दोनों देशों की ऐतिहासिक मित्रता को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में मदद मिल रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देशों ने संस्कृति, शिक्षा, खेल और पर्यटन के क्षेत्र में सहयोग मजबूत करने का फैसला किया है। पोलैंड के क्राकोव शहर में भारतीय अध्ययन पीठ की स्थापना भी की गई है। उन्होंने कहा कि पोलैंड की अर्थव्यवस्था ने पिछले वर्ष एक लाख करोड़ डॉलर का आंकड़ा पार किया, जबकि भारत ने पिछली तिमाही में 7.8 प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि दर्ज की।
वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत और पोलैंड लोकतांत्रिक मूल्यों और कानून के शासन में विश्वास रखते हैं। दोनों देश वैश्विक संस्थाओं को अधिक मजबूत और प्रभावी बनाने के लिए सुधारों को आवश्यक मानते हैं। उन्होंने कहा कि यूक्रेन और पश्चिम एशिया में शांति की दिशा में किए जाने वाले हर सार्थक प्रयास का भारत समर्थन करता रहेगा। प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि पोलैंड के प्रधानमंत्री की भारत यात्रा से दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को नई ऊर्जा मिलेगी और भविष्य में तकनीक, नवाचार तथा आर्थिक सहयोग के नए अवसर विकसित होंगे।

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