Voice Of Youth: आस्था के साथ सुरक्षा हो पहली प्राथमिकता

प्रतिमा विसर्जन के लिए प्रोफेशनल टीम की हो तैनाती, बच्चों के प्रवेश पर लगे रोक

Voice Of Youth: आस्था के साथ  सुरक्षा हो पहली प्राथमिकता
विसर्जन स्थलों पर गोताखोर और लाइफ जैकेट की व्यवस्था हो अनिवार्य, तय हो समय सीमा।

कोटा। शहर में बीते मंगलवार को मां दुर्गा की प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुए दर्दनाक हादसे में चार लोगों की मौत के बाद हर आंख नम है। इस हृदयविदारक घटना ने जहां पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है, वहीं सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासन के इंतजामों पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति रोकने और विसर्जन प्रक्रिया को सुरक्षित बनाने के लिए शहर के जेन-जी से जब इन हादसों को रोकने व बेहतर मैनेजमेंट को राय प्रकट की। चार जिंदगियों के असमय चले जाने के बाद अब घटना स्थल के जमीनी हालात को लेकर कई गंभीर खुलासे हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि मौके पर प्राथमिक रेस्क्यू उपकरण और सतर्क टीम मौजूद होती, तो तत्काल राहत कार्य शुरू कर कम से कम कुछ जानें बचाई जा सकती थीं।

 मैं उस समय घर पर कुछ जरूरी काम कर रही थी। जब इस घटना के बारे में पता चला तो मैं भी अचानक चाैक गई थी। उसके बाद सोशल मीडिया व अन्य माध्यम से जानकारी मिली तब पता चला की नाव में 7 लोग सवार थे। उसमें से 3 लाेग तो सुरक्षित निकल गए, पर 4 चार लोग लापता हो गए,जिनके शव बुधवार सुबह सर्च ऑपरेशन के बाद मिले। मेरे हिसाब से इन हादसो को रोकने के लिए प्रतिमा विसर्जन के लिए प्रोफेशनल लोगों को नियुक्त करना चाहिए। साथ ही विसर्जन का समय भी तय होना चाहिए। जहां पर विसर्जन हो वहां पर पर्याप्त सुरक्षा उपकरण उपलब्ध हो।
-इंद्रा राठौर, विद्यार्थी

मेरे नजरिये से देखा जाएं तो जहां पर दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन हो वहां पर बच्चों को न जाने दिए जाएं। वहीं विसर्जन के लिए भी कुछ लोगों को चयनित किया जाना चाहिए, वहीं विसर्जन स्थल पर पर्याप्त सुरक्षा उपकरण व गोताखोर मौजूद रहने चाहिए। विसर्जन स्थल पर पर्याप्त संख्या में कुशल गोताखोर, लाइफ जैकेट, ट्यूब और अन्य आपातकालीन सुरक्षा उपकरण 24 घंटे उपलब्ध रहने चाहिए, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति में तुरंत राहत कार्य शुरू किया जा सके।
-कशिश लोधा, विद्यार्थी

विसर्जन स्थल पर एनडीआरएफ व एसडीआरएफ की टीमों की तैनाती होनी चाहिए। साथ ही पर्याप्त मात्रा में वहां पर लाइफ जैकेट सहित अन्य उपकरण मौजूद रहने चाहिए। वहीं यदि वहां पर मौजूद लोगों को बार-बार चेतावनी देनी चाहिए, साथ ही विसर्जन स्थल से लोगों को दूर रखना चाहिए। यदि फिर भी कोई बात न माने तो उसके खिलाफ कानूनी कार्यवाही करनी चाहिए।
-राहुल सोनी, विद्यार्थी

Read More दशहरे मैदान में खड़े हुए दशानन, कुंभकरण और मेघनाथ के पुतले : 100 टन की क्रेन से खड़ा किया 105 फीट ऊंचा रावण, सुबह 7 बजे पूरा हुआ काम

देखा जाएं तो हादसे के समय पर वहां किसी भी प्रकार के सुरक्षा उपकरण मौजूद नहीं थे, यदि समय से बचाव कार्य शुरू होता तो शायद चार में से किसी भी जान बच सकती थी। और आयोजकों कों भी ध्यान रखना चाहिए कि विसर्जन के समय पर प्रशासन को अनुभवी लोगों की टीम को नियुक्त करना चाहिए। जिससे भविष्य में ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति नहीं हो। घटनास्थल पर बिना सुरक्षा जांच और लाइफ-सेविंग गियर के किसी भी व्यक्ति को पानी के नजदीक जाने की इजाजत न मिले।
-देवेंद्र कुमार लोधा, विद्यार्थी

Read More असर खबर का : आखिरकार कोटा आ ही गई फायर बाइक

Post Comment

Comment List

Latest News

त्योहार सीजन में खाद्य सुरक्षा टीम की कार्रवाई, विभिन्न प्रतिष्ठानों से दूध और मिठाइयों के नमूने लिए त्योहार सीजन में खाद्य सुरक्षा टीम की कार्रवाई, विभिन्न प्रतिष्ठानों से दूध और मिठाइयों के नमूने लिए
त्योहारों के सीजन में मिलावट पर अंकुश लगाने और आमजन को सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए खाद्य सुरक्षा...
ईरान को हराया, ट्रम्प के इस दावे के पीछे क्या है बड़ा संदेश?
सिक्योरिटी स्टाफ की ईमानदारी! एयरपोर्ट पर मिला रुपयों से भरा लिफाफा, फिर जो हुआ…
पंजाब विधानसभा में मिनट का सत्र, कई सवाल… अब भगवंत मान से इस्तीफे की मांग
करोड़ों की लागत से बने एमबीएस अस्पताल के नए आईपीडी भवन में सीवरेज की सड़ांध, मरीज बेहाल
बच्चों के भविष्य में रोशनी भर रही ऊषा, 7 बच्चों से शुरू हुई ‘तारे जमीन पर’ में अब 65 नौनिहाल
भारत-पोलैंड का 2030 तक व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य, मोदी ने कहा- रक्षा और तकनीक में सहयोग बढ़ेगा