शरद पूर्णिमा पर सामूहिक श्रीविद्या ध्यान का आयोजन, साधकों ने किया आत्मचिंतन
मंत्र-साधना, ध्यान और आत्मचिंतन किया
जयपुर। शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर वेदा पाणिग्रह, जयपुर में श्रीविद्या सामूहिक ध्यान कार्यक्रम आयोजित किया गया। गुरु मां डॉ. निर्मला सेवानी के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने भाग लेकर मंत्र-साधना, ध्यान और आत्मचिंतन किया। चंद्रमा की शीतल चांदनी के बीच ध्यान सत्र में साधकों ने श्रीविद्या मंत्रों के साथ एकाग्रता, मौन और अंतर्मुखी साधना का अभ्यास किया। कार्यक्रम का उद्देश्य दैनिक जीवन की व्यस्तताओं से कुछ समय निकालकर सात ध्यान चक्रों के माध्यम से सकारात्मक ऊर्जा, आंतरिक शांति और आध्यात्मिक चेतना के अनुभव की दिशा में प्रयास करना रहा।
कार्यक्रम में रोटरी क्लब जयपुर साउथ, रोटरी क्लब जयपुर मिडटाउन तथा जयपुर के साहित्यिक समूह जेआईजीएस के सदस्यों की विशेष सहभागिता रही। इस अवसर पर डीएसजी संजय कौशिक, महाराजा नरेंद्र सिंह, डॉ. अरविंद अग्रवाल, रोटरी क्लब जयपुर साउथ की अध्यक्ष ऋतु खत्री, रोटरी क्लब जयपुर मिडटाउन की अध्यक्ष रानू श्रीवास्तव, एनी मिलर, पीटर मिलर, डॉ. विद्या जैन और डॉ. रीता माथुर सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति और साधक उपस्थित रहे। डॉ. निर्मला सेवानी ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज में शांति, सद्भाव और सकारात्मकता को बढ़ावा देने में सहायक हैं। शरद पूर्णिमा प्रकृति की सुंदरता के साथ जागरूकता, आत्मचिंतन और आंतरिक संतुलन की ओर बढ़ने का अवसर भी है। प्रतिभागियों ने सामूहिक ध्यान के अनुभव को प्रभावशाली बताते हुए कहा कि इससे उन्हें बाहरी व्यस्तताओं से अलग होकर स्वयं के भीतर झांकने और मानसिक शांति का अनुभव करने का अवसर मिला। कार्यक्रम के माध्यम से नियमित ध्यान, आत्मचिंतन और सामूहिक साधना के महत्व का संदेश दिया गया। आयोजन समापन पर उपस्थितजनों के लिए सात्विक भोजन की व्यवस्था भी की गई।

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