अदिति का लक्ष्य 2028 ओलंपिक में स्वर्ण जीतना, कहा- खेलो इंडिया गेम्स खिलाड़ियों के करियर को मजबूत बनाते हैं

खेलो इंडिया में जीत चुकी है तीन गोल्ड 

अदिति का लक्ष्य 2028 ओलंपिक में स्वर्ण जीतना, कहा- खेलो इंडिया गेम्स खिलाड़ियों के करियर को मजबूत बनाते हैं

विश्व तीरंदाजी चैंपियन अदिति गोपीचंद स्वामी ने कहा कि खेलो इंडिया यूथ व यूनिवर्सिटी गेम्स खिलाड़ियों के पेशेवर विकास और एक्सपोजर के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। 2023 विश्व चैंपियन अदिति यूनिवर्सिटी गेम्स में पहली बार खेलते हुए गोल्ड जीतीं। खेलो इंडिया में पहले ही तीन स्वर्ण जीत चुकी अदिति का अगला लक्ष्य 2028 लॉस एंजेलिस ओलंपिक में भारत के लिए स्वर्ण पदक है।

जयपुर। विश्व तीरंदाजी चैम्पियनशिप में व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचने वाली भारत की पहली तथा विश्व की सबसे युवा कंपाउंड तीरंदाज अदिति गोपीचंद स्वामी का मानना है कि खेलो इंडिया यूथ गेम्स और खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स जैसे आयोजन किसी भी खिलाड़ी के पेशेवर विकास तथा आर्थिक सुदृढ़ता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध होते हैं।

खेलो इंडिया में जीत चुकी है तीन गोल्ड :

अदिति के अनुसार, इन प्रतियोगिताओं का आयोजन अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होता है और इनमें प्रतिस्पर्धा का स्तर भी उच्च कोटि का रहता है। अदिति ने वर्ष 2023 में बर्लिन में आयोजित विश्व तीरंदाजी चैम्पियनशिप में व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीतकर अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल की थी। तीन बार खेलो इंडिया यूथ गेम्स में भाग लेने के उपरान्त उन्होंने पहली बार खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में हिस्सा लिया और शिवाजी विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व करते हुए स्वर्ण पदक प्राप्त किया। इससे पूर्व वह खेलो इंडिया यूथ गेम्स (2022, 2023, 2024) में तीन स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं।

ओलंपिक में शामिल होने से स्पष्ट लक्ष्य मिला :

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अदिति का अगला लक्ष्य वर्ष 2028 लॉस एंजेलिस ओलंपिक है। उन्होंने कहा, मेरा सपना है कि मैं ओलंपिक में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतूं। पूर्व में कंपाउंड तीरंदाजी ओलंपिक का हिस्सा नहीं थी, जिससे कुछ कमी महसूस होती थी, किन्तु अब जब इसे मिक्स्ड टीम इवेंट के रूप में शामिल कर लिया गया है, तो यह मेरे लिए स्वर्णिम अवसर है।  कंपाउंड छोड़ रिकर्व तीरंदाजी अपनाने के विषय में पूछे जाने पर अदिति ने कहा, एक बार विचार आया था कि रिकर्व में प्रयास करूं, परंतु यह भी पता था कि उसमें मुझे बिलकुल जीरो से शुरुआत करनी होगी और विशेषज्ञता प्राप्त करने में सात-आठ वर्ष लग सकते हैं। अत: मैंने निर्णय बदल दिया। कंपाउंड के ओलंपिक में शामिल होते ही मुझे एक स्पष्ट लक्ष्य मिल गया।

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इन आयोजनों से मिलता है एक्सपोजर :

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पहली बार यूनिवर्सिटी गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए अदिति ने कहा- स्वर्ण पदक प्राप्त कर अत्यंत प्रसन्नता हुई। यहां अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता होती है, इस प्रकार के आयोजन खिलाड़ियों को नया अनुभव और आवश्यक एक्पोजर प्रदान करते हैं। 

 

 

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