विपक्ष के हंगामे के बीच लोकसभा में परित हुआ एंटी-पेपर लीक बिल, राहुल गांधी के भाषण को लेकर दोनों पक्षों के बीच घमासान
लोकसभा में पारित हुआ पेपर लीक रोधी संशोधन विधेयक
नई दिल्ली। लोक सभा में बुधवार को सत्ता-पक्ष और विपक्ष में तकरार एवं हंगामे के बीच पेपर लीक रोकने संबंधी लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। विधेयक पर दो दिन में 10 घंटे से अधिक चली चर्चा में आज विपक्ष के नेता राहुल गांधी के भाषण के दौरान उनकी ओर से इस्तेमाल एक 'असंसदीय ' शब्द और गृहमंत्री अमित शाह के विरुद्ध आरोप को लेकर दोनों पक्षों में भारी तकरार हुई और सदन की कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी। तीन बजे कार्यवाही पुन: शुरू होने पर प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने चर्चा का जवाब दिया और उसके बाद सदन ने ध्वनिमत से विधेयक को मंजूरी प्रदान की। मंत्री के जवाब के दौरान कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के सदस्य नारेबाजी करते रहे।
राहुल गांधी के भाषण के दौरान संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने गृहमंत्री के विरुद्ध श्री गांधी की टिप्पणियों पर आपत्ति उठाते हुए कहा कि ‘वह इसकी पुष्टि करें या इसके लिए माफी मांगे।’ इस बात पर सदन में शोर शराबे के बीच अध्यक्ष ओम बिरला ने कार्यवाही पहले ढाई बजे तक और फिर तीन बजे तक के लिए स्थगित कर दी। कार्यवाही शुरू होने पर विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए सिंह ने कहा कि विपक्ष के नेता ने जिस असंसदीय शब्द का इस्तेमाल किया है, क्या वह विद्यार्थियों के लिए किया गया है। उन्होंने कहा कि वह हैरान हैं कि विपक्ष के नेता को सार्वजनिक जीवन की बुनियादी प्रणाली की भी जानकारी नहीं हैं। सिंह के पास कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन विभाग की भी जिम्मेदारी है और उन्होंने ही इस विधेयक को सदन में पेश किया था।
राजनाथ सिंह ने कहा कि राहुल गांधी ने कहा है कि प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलायी गयीं, और इसका आदेश गृह मंत्री ने दिया। उन्होंने कहा कि गोली चलायी ही नहीं गयी और उनके साथ बहुत ही संयमित कार्रवाई की गयी। कहीं भी प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाने का आदेश मजिस्ट्रेट देता है। गोली चलाने का आदेश कभी कोई मंत्री नहीं देता। इससे स्पष्ट है कि श्री गांधी में सार्वजनिक जीवन की जानकारियों का अभाव है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने यह भी कहा कि गृह मंत्री के काफिले में 30 गाड़ियां चलती हैं, यह भी गलत तथ्य है, गृह मंत्री के काफिले में इतनी गाड़ियां नहीं चलती। गृह मंत्री के विदेश जाने की बातें की गयीं, वह स्पष्ट करते हैं कि गृह मंत्री कभी विदेश गये ही नहीं। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता का गैर जिम्मेदारी से बात कहना, शोभा नहीं देता।
डॉ ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पेपर लीक की घटना को बहुत गंभीरता से लिया है।" पेपर लीक होने की जानकारी मिलते ही केन्द्रीय जांच ब्यूरो से जांच के आदेश दिये गये। आरोपी पकड़े गये और वे जेल में हैं। यह विधेयक पेपर लीक को लेकर सरकार की गंभीरता और संवेदनशीलता को परिलक्षित करता है। इसमें आरोपियों के खिलाफ सजा और जुर्माने को बहुत बढ़ा दिया गया है। मंत्री के जवाब के बाद सदन ने विपक्ष की नारेबाजी के बीच विधेयक को ध्वनिमत से पारित कर दिया। अध्यक्ष ने विधेयक पारित होने के बाद सदन की कार्यवाही गुरुवार को पूर्वाह्न 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। मानसून सत्र का आज आठवां दिन था और इस दौरान यह पहला विधेयक था जो लोक सभा में पारित हुआ है।

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