चढ़ावा चोरी पर चुप्पी तोड़ें केन्द्र : उच्चतम न्यायालय की निगरानी में हो जांच, जयराम बोले- सीसीटीवी, बरामदगी और संदिग्ध कर्मचारियों की पहचान के बाद भी कार्रवाई में देरी क्यों?
आरोप पत्र के तथ्यों ने एसआईटी की जांच और सरकारी लीपापोती पर खड़े किए गंभीर सवाल
नई दिल्ली। कांग्रेस ने अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले में केन्द्र सरकार से चुप्पी तोड़ने और उच्चतम न्यायालय की निगरानी में मामले की जांच कराने की मांग की है। कांग्रेस संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने शनिवार को सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि आरोप पत्र में सामने आए तथ्यों ने एसआईटी की जांच और सरकारी लीपापोती पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि चार जून को 2.25 लाख रुपये की रकम बाथरूम में मिलने का वीडियो चंपत राय को भेजा गया और पांच जून को उन्हें सीसीटीवी फुटेज भी दिखाया गया। इसके बावजूद प्राथमिकी 25 जून को दर्ज हुई।
रमेश ने सवाल किया कि सीसीटीवी, बरामदगी और संदिग्ध कर्मचारियों की पहचान सामने आने के बाद भी आपराधिक कार्रवाई में 21 दिन की देरी क्यों हुई। उन्होंने कहा कि चार्जशीट के अनुसार चढ़ावे की रकम हटाने की 105 घटनाएं सामने आईं और एक आरोपी 85 बार रकम हटाता दिखा, फिर भी जांच आठ आरोपियों तक ही क्यों सीमित रही। उन्होंने कहा कि चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव को आरोपी और गवाह क्यों बनाया गया। रमेश ने कहा कि रामभक्तों के विश्वास से जुड़े इस मामले में असली जिम्मेदारी तय होने तक मामला खत्म नहीं माना जा सकता और इसकी निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच उच्चतम न्यायालय की निगरानी में होनी चाहिए।

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