अग्निवीर योजना पर कांग्रेस का केंद्र पर हमला, सुरजेवाला बोले- युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ कर रही सरकार
अस्थायी व्यवस्था बंद कर स्थायी सैन्य भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की अपील
नई दिल्ली। कांग्रेस पार्टी के महासचिव और सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने अग्निवीर योजना में केंद्र सरकार द्वारा किए गए बदलावों की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि केंद्र सरकार देश की सेवा के लिए सेना में भर्ती होने की इच्छा रखने वाले युवाओं के भविष्य के साथ बार-बार खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने कहा कि अग्निवीर योजना में चौथी बार बदलाव कर सरकार ने युवाओं के बीच भ्रम और अनिश्चितता की स्थिति पैदा कर दी है, जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से भी चिंताजनक है।
सुरजेवाला ने कहा कि जो सरकार सेना में भर्ती को लेकर स्पष्ट और स्थायी निर्णय नहीं ले सकती, उससे राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने की उम्मीद कैसे की जा सकती है। उन्होंने दावा किया कि एक ओर चीन ने पूर्वी लद्दाख में भारत की करीब 1,000 वर्ग किलोमीटर जमीन पर कब्जा कर रखा है, वहीं दूसरी ओर आईटीबीपी के महानिदेशक ने अरुणाचल प्रदेश में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीनी सेना के साथ टकराव की बात कही है।
उन्होंने कहा कि इस समय तीनों सेनाओं में 1.55 लाख से अधिक पद खाली हैं, जबकि केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल, सीमा सुरक्षा बल, केंद्रीय औद्याेगिक सुरक्षा बल और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस सहित केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में भी एक लाख से ज्यादा पद रिक्त हैं। यह स्थिति राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरे की घंटी है। कांग्रेस सांसद ने आरोप लगाया कि सरकार ने वर्ष 2021 से नियमित सैन्य भर्ती रोककर चार साल की अग्निवीर भर्ती शुरू की। विरोध बढ़ने पर 25 प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित करने और राज्य सरकारों की भर्तियों में प्राथमिकता देने का आश्वासन दिया गया। अब मंत्रिमंडल ने चार साल की सेवा में दो साल का विस्तार करने का फैसला किया है और इसके बाद नियमित भर्ती पर विचार की बात कही जा रही है।
सुरजेवाला ने कहा कि चार या छह साल की सेवा के बाद नियमित नियुक्ति मिलेगी या नहीं, इस अनिश्चितता में जवानों को रखना उनके मनोबल के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने सवाल किया कि भविष्य को लेकर लगातार असमंजस में रहने वाले युवा पूरी एकाग्रता और समर्पण के साथ देश की सेवा कैसे कर पाएंगे। उन्होंने मांग की कि अग्निवीर की अस्थायी भर्ती व्यवस्था बंद कर सेना में नियमित भर्ती बहाल की जाए। साथ ही सरकार को बड़े-बड़े दावों और लच्छेदार शब्दों के बजाय युवाओं तथा राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में ठोस और स्थायी फैसले लेने चाहिए।

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