कांग्रेस लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं पर कर रही हमला, इसलिए सड़क पर उतरे : अश्विनी वैष्णव
रेल मंत्री बोले- एसआईआर पर बहस के लिए तैयार
जयपुर। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कांग्रेस पर लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं पर हमला करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस की राजनीति का उद्देश्य देश में अराजकता फैलाना है। इसी के विरोध में भाजपा ने लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ अभियान शुरू किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा लोकतंत्र बचाने के लिए सड़क पर उतरी है, जबकि कांग्रेस लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और संस्थाओं पर सवाल उठा रही है।
वैष्णव भाजपा प्रदेश कार्यालय में मीडिया से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि एसआईआर का उद्देश्य मतदाता सूची को शुद्ध और सही बनाना है। इसी मतदाता सूची के आधार पर सरकार चुनी जाती है और लोकतांत्रिक प्रक्रिया पूरी होती है। देश में अब तक दस से अधिक बार एसआईआर हो चुकी है। ऐसे में कांग्रेस आज इस प्रक्रिया पर सवाल क्यों उठा रही है? उन्होंने कहा कि एसआईआर पर कांग्रेस बहस चाहती है तो सरकार तुरंत प्रक्रिया शुरू करने को तैयार है। संसद का विशेष सत्र बुलाकर इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए भी भाजपा तैयार है, लेकिन उन्हें पूरा विश्वास है कि कांग्रेस बहस से भाग जाएगी।
रेल मंत्री ने ईवीएम का बचाव करते हुए कहा कि ईवीएम कांग्रेस सरकार ही लेकर आई थी। इससे लोकतंत्र मजबूत हुआ है। पहले मतपेटियां लूटकर पूरे बूथ पर कब्जा कर लिया जाता था, लेकिन ईवीएम आने के बाद इस व्यवस्था में सुधार हुआ। कांग्रेस किस आधार पर एसआईआर और ईवीएम को चुनौती दे रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की मांग पर महाराष्ट्र में मतपत्र से चुनाव कराए गए, लेकिन वहां भी कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा।
घुसपैठियों को वोट देने का अधिकार चाहती है कांग्रेस ?
वैष्णव ने सवाल उठाया कि क्या कांग्रेस चाहती है कि भारत के नागरिक नहीं होने के बावजूद लोग मतदान करें और एक व्यक्ति पांच-पांच जगह वोट डाले। उन्होंने कहा कि कांग्रेस संविधान की किताब लेकर घूमती है, लेकिन क्या वह वास्तव में संवैधानिक संस्थाओं और संसद पर विश्वास करती है? कांग्रेस को संसद और चुनाव आयोग को चुनौती देने के बजाय लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर भरोसा करना चाहिए।
सड़क पर फैसले की बात अराजकता का संकेत :
चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर वैष्णव ने कहा कि इस पूरे प्रकरण में शामिल कुछ लोग खुले तौर पर बांग्लादेश से सीखने की बात कर रहे हैं। वे लोगों से सड़क पर उतरने का आह्वान कर रहे हैं और कह रहे हैं कि फैसले संसद में नहीं, सड़क पर होंगे। यह विचारधारा साफ बताती है कि वे अराजकता चाहते हैं और उन्हें लोकतांत्रिक प्रक्रिया तथा संविधान पर विश्वास नहीं है।
सत्ता में रहते हुए भाजपा के सड़क पर उतरने के सवाल पर उन्होंने कहा कि भाजपा लोकतंत्र को बचाने के लिए सड़क पर आई है। कांग्रेस ने रामलीला मैदान में लाखों लोगों के जुटने का दावा किया था, लेकिन वहां कुछ ही लोग पहुंचे। उन्होंने कहा कि देश में मौजूद घुसपैठियों के मुद्दे को गंभीरता से लेने की जरूरत है। दुनिया के कई देशों में घुसपैठ के कारण समस्याएं पैदा हुई हैं। भारत में भी इस मुद्दे पर गंभीरता से कार्रवाई होनी चाहिए।

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