क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने 23 साल लंबे करियर को कहा अलविदा, अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से लिया संन्यास
234 मैचों के साथ सबसे ज्यादा मैच और गोल करने का कीर्तिमान
लिस्बन। पुर्तगाल के स्टार खिलाड़ी क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास लेने की घोषणा की जिससे फुटबॉल के एक युग का समापन हो गया। आज अपने सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो में, पुर्तगाल के 41 वर्षीय कप्तान ने कहा, 23 सालों तक, मुझे इस जर्सी को पहनने, इसका मान रखने और दुनिया भर के स्टेडियमों में इसे ले जाने का सौभाग्य मिला। आज, इसे आने वाली पीढ़ी को सौंपने का समय आ गया है। यह कोई आसान फैसला नहीं था। कुछ फैसले सिर्फ दिमाग से नहीं, बल्कि दिल से लिए जाते हैं।
2003 में अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत करने के बाद, रोनाल्डो एथेंस 2004 ओलंपिक खेलों में खेले और इसके बाद पांच फीफा वर्ल्ड कप टूर्नामेंटों में हिस्सा लिया। वे पुर्तगाल के लिए अब तक के सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी और सबसे लंबे समय तक कप्तान रहने वाले खिलाड़ी के रूप में अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से विदा ले रहे हैं। उनकी कप्तानी में पुर्तगाल ने यूएफा यूरोपियन चैंपियनशिप 2016 और यूएफा नेशंस लीग 2019 का खिताब जीता था। रोनाल्डो ने 234 मैच खेले और 146 अंतरराष्ट्रीय गोल किए। संन्यास की घोषणा के साथ ही उनके उस करियर का अंत हो गया, जिसमें छह वर्ल्ड कप, एक यूरोपियन खिताब और पुरुषों के इंटरनेशनल फुटबॉल में सबसे ज़्यादा गोल करने का रिकॉर्ड शामिल है।
पुर्तगाल के फुटबॉल दिग्गज क्रिस्टियानो रोनाल्डो, जिन्होंने मैदान पर अपने खेल से सबको मंत्रमुग्ध कर दिया और उन्हें अब तक के सबसे महान खिलाड़ियों में से एक माना जाता है।दो दशक से भी ज़्यादा समय पहले, यूरो 2004 से शुरू हुआ उनका शानदार करियर एक दुखद मोड़ पर खत्म हुआ। कोच जॉर्ज जीसस के साथ विवाद के बाद उन्हें नेशनल टीम छोड़नी पड़ी। 41 वर्षीय रोनाल्डो ने पुर्तगाल के लिए 234 मैच खेले और 146 गोल किए। पिछले महीने, नेशंस लीग के एक मैच में कोच जीसस ने उन्हें टीम में शामिल नहीं किया, जिसके बाद दोनों के बीच अनबन हो गई और रोनाल्डो ने टीम कैंप छोड़ दिया।
अपने विदाई संदेश में, रोनाल्डो ने पुर्तगाल का प्रतिनिधित्व करने को अपने करियर का सबसे बड़ा सम्मान बताया। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि उनकी मशहूर 'नंबर 7' जर्सी अगली पीढ़ी को सौंप दी जाए। उन्होंने एक्स पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में कहा, पुर्तगाल के लोगों, अब वह समय आ गया है कि मैं राष्ट्रीय टीम की नंबर 7 जर्सी आप सभी को वापस सौंप दूँ। मैंने कभी नहीं माना कि यह सिर्फ मेरी है, लेकिन 23 सालों तक इसे पहनना, इसका मान रखना और दुनिया भर के स्टेडियमों में इसे अपने साथ ले जाना मेरे लिए सौभाग्य और जिम्मेदारी की बात रही। आज, इसे आने वाली पीढ़ी को सौंपने का समय आ गया है।'' अपने सफर को याद करते हुए, रोनाल्डो ने माना कि उनके करियर में कई यादगार जीतें रहीं, तो कई मुश्किल पल भी आए। लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि राष्ट्रीय टीम के प्रति उनका समर्पण कभी कम नहीं हुआ।
उन्होंने कहा, कुछ बेहतरीन दिन और रातें थीं; ऐसी जीतें थीं जिन्हें मैं कभी नहीं भूल सकता, और ऐसी हार भी थीं जिन्हें याद करना आज भी मेरे लिए मुश्किल है। मुझसे गलतियां भी हुईं, मुझे तकलीफें भी झेलनी पड़ीं, और कई बार ऐसा भी हुआ जब मैं पुर्तगाल के लोगों को वह सब नहीं दे पाया जिसकी उन्हें बहुत चाहत थी। लेकिन मैंने कभी हार नहीं मानी। और सबसे बड़ी बात, पुर्तगाल का प्रतिनिधित्व करने पर मुझे हमेशा गर्व महसूस होता रहा।'' रोनाल्डो ने अपने अंतरराष्ट्रीय सफर में साथ देने के लिए अपने साथियों, कोचों, सपोर्ट स्टाफ और परिवार का भी धन्यवाद किया। उन्होंने कहा, उन सभी कोचों, डायरेक्टर्स, डॉक्टरों, फिजियोथेरेपिस्ट, कर्मचारियों और उन तमाम लोगों का शुक्रिया, जिन्होंने इतने सालों तक मेरे साथ काम किया। आप में से कई लोग शायद कभी तस्वीरों में नहीं दिखे, लेकिन आपके बिना वे तस्वीरें मुमकिन ही नहीं थीं। और मेरे परिवार, इस सपने को मेरे साथ साझा करने के लिए आपका धन्यवाद।''
उन्होंने आगे कहा, मेरे न होने, मेरे बलिदानों और उन पलों को समझने के लिए धन्यवाद, जब राष्ट्रीय टीम को उस समय का हिस्सा बनना पड़ा जो असल में आपका था। अगर मैं यहाँ तक पहुँच पाया हूँ, तो सिर्फ इसलिए क्योंकि आप हमेशा मेरे साथ खड़े रहे।'' रोनाल्डो का जाना पुर्तगाल के लिए एक युग के अंत जैसा है। अब राष्ट्रीय टीम की विरासत को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी नई पीढ़ी के कंधों पर आ गई है। हालाँकि, रोनाल्डो ने यह स्पष्ट कर दिया कि अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास लेने के बाद भी, अपने देश के साथ उनका जुड़ाव वैसा ही बना रहेगा। 'मैं कभी भी आप लोगों में से एक बने रहने से पीछे नहीं हटूंगा।'' उन्होंने कहा, आज मैं राष्ट्रीय टीम के साथ अपना सफर खत्म कर रहा हूं; मैं अपना सिर ऊंचा करके जा रहा हूं। मुझे अपने चुने हुए रास्ते पर गर्व है और मुझे इस बात का संतोष है कि मैंने पुर्तगाल के लिए अपना सब कुछ दे दिया। लेकिन मैं कभी भी आप लोगों में से एक बने रहने से पीछे नहीं हटूंगा।
उन्होंने अपनी बात खत्म करते हुए कहा, आज मुझे एहसास हो रहा है कि मेरी सबसे बड़ी जीत दुनिया के सबसे बेहतरीन देश का प्रतिनिधित्व करने का सौभाग्य पाना था। इन 23 सालों के लिए आपका धन्यवाद। मुझ पर भरोसा करने के लिए आपका शुक्रिया।

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