जन आधार से 96 फीसदी से अधिक आबादी जुड़ी, 1.63 लाख करोड़ से अधिक का डीबीटी हस्तांतरण
समस्याओं और सुधार के उपायों पर चर्चा
जयपुर। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा कि राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए जन आधार व्यवस्था को तकनीकी रूप से और मजबूत बनाने तथा शिकायतों का त्वरित निस्तारण करने के निर्देश दिए। गुरुवार को शासन सचिवालय में राजस्थान जन आधार प्राधिकरण की पांचवीं उच्च स्तरीय समिति की बैठक में योजनाओं की प्रगति और तकनीकी व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने प्रदेश के 85 हजार से अधिक ई-मित्र संचालकों के साथ फेसबुक लाइव के जरिए सीधा संवाद आयोजित करने के निर्देश दिए। इसमें जमीनी स्तर पर आ रही समस्याओं और सुधार के उपायों पर चर्चा होगी। बैठक में उन्होंने जन आधार एआई चैट बॉट का परीक्षण भी किया तथा इसकी कार्यक्षमता और सटीकता की समीक्षा की। जन आधार डैशबोर्ड को सरल बनाने और मासिक प्रगति रिपोर्ट नियमित प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
अधिकारियों के अनुसार, प्रदेश के 2.08 करोड़ से अधिक परिवार और 8.09 करोड़ से अधिक सदस्य जन आधार से जुड़ चुके हैं। यह राज्य की अनुमानित आबादी का 96 प्रतिशत से अधिक है। योजना के तहत अब तक 242 करोड़ से अधिक डीबीटी लेनदेन हुए हैं तथा 1.63 लाख करोड़ रुपये से अधिक लाभार्थियों के खातों में हस्तांतरित किए गए हैं। शिकायतों के निस्तारण का औसत समय सात दिन और संतुष्टि स्तर 91 प्रतिशत है।

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