पूर्ण सदस्य नहीं होने के बावजूद जी-7 जैसे वैश्विक मंच पर नेता के तौर पर उभरा भारत, सुधांशु ने कहा- दक्षता और काबिलियत के साथ बड़े देशों का जीत रहा भरोसा
प्रधानमंत्री ने कई देशों के साथ की द्विपक्षीय बातचीत
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत दक्षता और काबिलियत के साथ दुनिया के बड़े देशों का भरोसा लगातार जीत रहा है और पहली बार जी-7 जैसे वैश्विक मंच पर जहाँ भारत पूर्ण सदस्य नहीं है, फिर भी एक नेता के तौर पर उभरा है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने शुक्रवार को यहां पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि अभी हाल ही में मोदी जी-7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने और स्लोवाकिया की यात्रा पर गये थे। उन्होंने कहा कि स्लोवाक गणराज्य पूर्वी यूरोप के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण गणराज्य है, जहां किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री की ये पहली यात्रा थी।
उन्होंने कहा कि भारत और स्लोवाकिया के बीच रिश्तों की गहराई इस बात से साफ़ होती है कि उन्होंने प्रधानमंत्री को अपना सर्वोच्च नागरिक सम्मान दिया। उन्होंने कहा कि इस तरह अब तक 33 वैश्विक सम्मान पाने वाले मोदी न केवल भारत के नेता के तौर पर, बल्कि शायद दुनिया के एक खास और स्थापित नेता के तौर पर उभरे हैं। भाजपा नेता ने कहा है कि फ्रांस की मेजबानी में आयोजित भारत ने जिस तरह अपनी अहम जगह बनाई है, उसे सभी जानते हैं। नीस और पेरिस में हुए शिखर सम्मेलन में एक खास वैश्विक रणनीतिक साझेदारी हुई है। उन्होंने बताया कि इसमें प्रधानमंत्री ने कई देशों के साथ द्विपक्षीय बातचीत की।
भाजपा प्रवक्ता ने बताया कि भारत ने जी-7 देशों के बीच'सम्पर्क और व्यापार को बढ़ावा देने के लिए अंतरराष्ट्रीय लामबंदी साझेदारी यानी इम्पैक्ट का प्रस्ताव रखा है। उन्होंने कहा कि सभी देशों ने इसमें दिलचस्पी दिखाई है, जिसका मतलब है कि पहली बार ऐसे मंच पर जहाँ भारत पूर्ण सदस्य नहीं है, फिर भी भारत एक नेता के तौर पर उभरा है। उन्होंने कहा कि यह इस बात का सबूत है कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत कुशलता और दक्षता के साथ दुनिया की बड़ी ताकतों का भरोसा लगातार जीत रहा है। त्रिवेदी ने कहा कि भारत को जी-7 शिखर सम्मेलन में विशेष अतिथि के तौर पर बुलाया जाता है। सम्मेलन में मोदी ने इम्पैक्ट का प्रस्ताव रखा, जिस पर सभी देशों ने दिलचस्पी दिखाई। उन्होंने कहा कि मोदी ने कहा कि सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के आंकड़ों को केवल सामान्य आँकड़ों के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। यह देखना भी उतना ही जरूरी है कि इस विकास का स्वरूप क्या है और इससे किसे फ़ायदा हो रहा है।
उन्होंने बताया कि फ्रांस ने अब यह फ़ैसला किया है कि वह हर साल अपने संस्थानों में विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग एवं गणित (स्टेम) क्षेत्रों में 30,000 भारतीय छात्रों को जगह देगा। अब तक, भारतीय छात्रों का ध्यान आम तौर पर ब्रिटेन, अमेरिका और कनाडा की ओर रहा है। अब, यूरोप में भी उनके लिए एक नई जगह जुड़ गई है। उन्होंने कहा कि फ्रांस ने भारत के डेटा सशक्तिकरण और सुरक्षा स्थापत्य (डीईपीए) के साथ मिलकर एक मजबूत डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र बनाने का फ़ैसला किया है, जो भारत में सुरक्षित डेटा साझाकरण और सुरक्षा में अहम भूमिका निभाएगा। त्रिवेदी ने कहा कि इस दौरे के दौरान मोदी ने कई ऐसे फ़ैसले लिए जिनसे भारत की नई वैश्विक पहचान झलकती है। उन्होंने बताया कि भाजपा के कार्यकाल के दौरान ही भारत को जी-7 में एक विशेष आमंत्रित सदस्य के तौर पर शामिल किया गया था। उन्होंने कहा कि इस यात्रा के सकारात्मक और दीर्घकालिक नतीजे आने वाले वर्षों में दिखाई देंगे, जिनकी नींव पीएम मोदी की इस यात्रा के दौरान रखी गई है।

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