मतदाताओं को वीआईपी और गैर-वीआईपी श्रेणी में बांट रहा चुनाव आयोग : कांग्रेस
संविधान में सभी मतदाताओं को समान मताधिकार
नई दिल्ली। कांग्रेस ने कहा है कि संविधान में सभी मतदाताओं को समान मताधिकार है लेकिन एसआईआर प्रक्रिया में 13.8 करोड़ नाम हटाने के बाद चुनाव आयोग अब मतदाताओं को वीआईपी और गैर-वीआईपी श्रेणी में बांट रहा है तथा बूथ स्तर के अधिकारियों (बीएलओ) को वीआईपी मतदाताओं का विशेष ध्यान रखने का आदेश दिया गया है। कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने शुक्रवार को यहां पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में मतदाताओं को वीआईपी और गैर-वीआईपी में बांटने का आरोप लगाते हुए कहा कि मतदाताओं से भेदभाव किया जा रहा है। उनका कहना था कि चुनाव आयोग की निगाह में सभी वोटर समान हैं, लेकिन मुख्य चुनाव आयुक्त बीएलओ से अलोकतांत्रिक काम करवा रहे हैं और अपने दो सहयोगी आयुक्तों के सवालों का जवाब नहीं दे रहे हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त को अपने गैर-जिम्मेदाराना रवैया को ध्यान में रखते हुए लोगों को जवाब देना चाहिए।
एक अखबार में छपी खबर का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया में बीएलओ को वीआईपी मतदाता चिह्नित कर उनके साथ विशेष व्यवहार किए जाने के निर्देश हैं। एक एप है, जिसके जरिए कुछ मतदाताओं को विशिष्ट मतदाता के रूप में चिह्नित किया जा सकता है। रिपोर्ट के अनुसार मंत्रियों और उनके परिवारों, प्रसिद्ध व्यक्तियों, न्यायाधीशों, अधिवक्ताओं, भारतीय प्रशासनिक सेवा और भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारियों, मीडियाकर्मियों तथा सामाजिक कार्यकर्ताओं सहित अन्य लोगों को विशिष्ट मतदाताओं के रूप में चिह्नित करने को कहा गया है।
उन्होंने कहा कि अखबार की रिपोर्ट के अनुसार विशिष्ट मतदाताओं के नाम गणना प्रपत्र नहीं भरने पर भी प्रारूप मतदाता सूची में जोड़े जा सकते हैं, उन्हें सुनवाई केंद्रों पर जाने की आवश्यकता नहीं होगी और उनके लिए विशेष सुविधा उपलब्ध करायी जायेगी। खेड़ा ने कहा कि चुनाव आयोग को वीआईपी और सामान्य मतदाताओं के बीच इस भेद का आधार तथा पूरी प्रक्रिया सार्वजनिक करनी चाहिए। कांग्रेस नेता ने कहा कि लोकतंत्र एक व्यक्ति, एक मत और समान मताधिकार के सिद्धांत पर आधारित है तथा सामान्य नागरिकों और विशिष्ट लोगों के लिए अलग-अलग चुनावी प्रक्रिया नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 में भी नागरिकों की ऐसी कोई स्पष्ट श्रेणी नहीं है, जिसे अलग चुनावी विशेषाधिकार प्राप्त हों।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने एसआईआर के दौरान प्रमुख नागरिकों को नोटिस मिलने के बाद ही ऐसी श्रेणियां बनाये जाने और अलग व्यवहार पर सवाल उठाये थे। खेड़ा ने कहा कि चुनाव आयोग को बताना होगा कि मतदाताओं को अलग-अलग श्रेणियों में बांटने का आदेश किसने दिया और इसके लिए वैधानिक अधिकार कहां से मिला। उन्होंने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और चुनाव आयोग के भीतर हुई घटनाओं का सच सामने लाने की मांग की है। कांग्रेस ने कहा कि इस पूरे मामले में चुनाव आयोग को दस्तावेजों और तथ्यों के साथ जवाब देना चाहिए।

Comment List