18 साल से फरार ₹35 हजार का इनामी उद्घोषित अपराधी देहरादून से गिरफ्तार, 23 मामलों में था वांछित
बीएड और शैक्षणिक डिग्रियों के नाम पर धोखाधड़ी का आरोप
जयपुर। जयपुर रेंज पुलिस और सीकर पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए करीब 18 वर्षों से फरार चल रहे ₹35,000 के इनामी उद्घोषित अपराधी को उत्तराखंड के देहरादून से गिरफ्तार किया है। आरोपी थाना कोतवाली, सीकर के 23 प्रकरणों में वांछित था। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने फरारी के दौरान देश के 17 राज्यों में ठिकाने बदले। पुलिस महानिरीक्षक, जयपुर रेंज, जयपुर राहुल प्रकाश के निर्देशन तथा पुलिस अधीक्षक, सीकर के निर्देशों पर फरार और वांछित अपराधियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई।
अंतरराज्यीय तलाश के बाद देहरादून में दबिश
फरार आरोपी की तलाश में जयपुर रेंज की साइबर सेल टीम और सीकर कोतवाली पुलिस लगातार प्रयास कर रही थी। टीम ने दिल्ली, रुड़की और देहरादून सहित विभिन्न स्थानों पर तलाश की। मुखबिर से मिली सूचना के विश्लेषण के आधार पर आरोपी की मौजूदगी देहरादून के प्रेमनगर स्थित राघव विहार में सामने आई।
पुलिस के अनुसार, 10 अक्टूबर 2026 को टीम एयरटेल फाइबर तकनीशियन बनकर आरोपी के मकान तक पहुंची। आरोपी के घर में मौजूद होने की जानकारी मिलने के बाद संयुक्त पुलिस टीम ने दबिश दी, जहां वह छिपा हुआ मिला। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर सीकर लाया गया। फिलहाल थाना कोतवाली पुलिस द्वारा संबंधित मामलों में आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
बीएड और अन्य डिग्रियों के नाम पर धोखाधड़ी का आरोप
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि आरोपी पर बीएड और अन्य शैक्षणिक डिग्रियों के नाम पर विद्यार्थियों से धोखाधड़ी कर धनराशि हड़पने के आरोप हैं। इन मामलों में वांछित होने के बाद वह फरार हो गया था। उसकी गिरफ्तारी पर जयपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक ने ₹35,000 का इनाम घोषित किया था।
कोचिंग संस्थानों में पढ़ाकर करता रहा गुजारा
पुलिस के अनुसार, फरारी के दौरान आरोपी अलीगढ़, आंध्र प्रदेश, हैदराबाद, दिल्ली और दक्षिण भारत के विभिन्न कॉर्पोरेट कोचिंग संस्थानों में विद्यार्थियों को पढ़ाकर अपना गुजारा करता रहा। उसने वर्ष 2016 में देहरादून के राघव नगर क्षेत्र में मकान खरीदा और वहीं रहने लगा था।
फील्ड इंटेलिजेंस और पुलिस समन्वय से मिली सफलता
करीब 18 वर्षों से फरार आरोपी की गिरफ्तारी फील्ड इंटेलिजेंस, मुखबिर तंत्र और अंतरराज्यीय पुलिस समन्वय के जरिए संभव हो सकी। जयपुर रेंज पुलिस ने स्पष्ट किया कि फरार एवं वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी और अपराध नियंत्रण के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा।

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