SIR विवाद पर कांग्रेस का हल्लाबोल, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली पहुंचेंगे डीके शिवकुमार
दलितों, अल्पसंख्यकों और पिछड़ों के वोट रक्षा का उठाया मुद्दा
बेंगलुरु। मतदाता सूचियों में कथित अनियमितताओं और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के खिलाफ चुनाव आयोग पर हमला तेज करते हुए कर्नाटक कांग्रेस के नेता सोमवार (12 अक्टूबर) को नयी दिल्ली में एक बड़े विरोध प्रदर्शन में भाग लेंगे। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार राज्य के कांग्रेस विधायकों के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करेंगे।
शिवकुमार ने यहां रविवार को संवाददाताओं से बातचीत करते हुए आरोप लगाया कि पात्र मतदाताओं के नाम मनमाने ढंग से हटाकर लोकतांत्रिक अधिकारों को कुचला जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का यह प्रदर्शन हर नागरिक के मताधिकार की रक्षा के लिए है। सीएम ने कहा, हम कल दिल्ली में अपना विरोध प्रदर्शन आयोजित कर रहे हैं। हालांकि हम बहुत बड़ी संख्या में दिल्ली नहीं जाना चाहते थे, लेकिन हमारे विधायक वहां मौजूद रहेंगे। मैं खुद भी हर मतदाता के अधिकार की रक्षा के लिए दिल्ली जा रहा हूं।
शिवकुमार ने कहा कि मतदाता सूची से नाम हटाए जाने की घटना से लोकतंत्र पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं, खासकर दलितों, अल्पसंख्यकों और पिछड़े वर्गों के मताधिकार को लेकर। उन्होंने सवाल उठाया कि कर्नाटक में इस तरह मतदाताओं के नाम कैसे हटाए जा सकते हैं? उन्होंने जोर देकर कहा कि दलितों, अल्पसंख्यकों और पिछड़े वर्ग के लोगों के वोट देने के अधिकार की रक्षा करना अनिवार्य है।
कॉकरोच जनता पार्टी के आयोजित प्रदर्शन से अपनी पार्टी के रुख को अलग रखते हुए शिवकुमार ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस अपना स्वतंत्र आंदोलन चलाएगी, जबकि 'इंडिया' गठबंधन के कुछ घटक दल अन्य प्रदर्शनों में शामिल हुए थे। उल्लेखनीय है कि इससे पहले एक अक्टूबर को शिवकुमार और उनके कैबिनेट सहयोगियों ने फॉर्म सात आवेदनों के माध्यम से पात्र मतदाताओं के नाम हटाने की कथित साजिश के खिलाफ बेंगलुरु में मुख्य चुनाव अधिकारी के कार्यालय के बाहर धरना दिया था और आपराधिक मामला दर्ज कर जांच की मांग की थी।
शिवकुमार ने 10 अक्टूबर को दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान इंटरनेट बंद किए जाने और नेताओं की धरपकड़ पर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए सवाल उठाया कि देश में लोकतंत्र चल रहा है या आपातकाल? उन्होंने कहा कि हर किसी को विरोध करने का अधिकार है और उड़ानों में सवार यात्रियों तथा जनप्रतिनिधियों को हिरासत में लेना देश और लोकतंत्र का अपमान है। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि वह प्रदर्शनकारियों को मुख्य चुनाव आयुक्त से मिलने की अनुमति दे।
निर्वाचन आयोग और एसआईआर का बचाव करने वाले 124 पूर्व नौकरशाहों के खुले पत्र पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए श्री शिवकुमार ने कहा कि कांग्रेस का यह विरोध महज एक राजनीतिक दल का रुख नहीं है, बल्कि यह व्यापक जनभावनाओं का प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने कहा, अधिकारियों ने अपना काम किया है, उन्हें बधाई। लेकिन हमारा प्रदर्शन किसी एक राजनीतिक दल की नहीं, बल्कि पूरे देश की आवाज का प्रतिनिधित्व करता है।

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