जयपुर एयरपोर्ट पर अडानी समूह के 5 साल पूरे, विमानन केंद्र के रूप में मजबूत हुई पहचान; यात्रियों पर महंगाई का बोझ
पार्किंग और खान-पान की दरों में हुई बढ़ोतरी
जयपुर। अडानी समूह द्वारा जयपुर हवाई अड्डे के संचालन को शनिवार को पांच वर्ष पूरे हो गए। समूह ने 11 अक्टूबर 2021 को एयरपोर्ट का संचालन संभाला था। इन पांच वर्षों में यह राजस्थान के प्रमुख विमानन केंद्र के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर चुका है। अक्टूबर 2024 में टर्मिनल-1 को अंतरराष्ट्रीय टर्मिनल के रूप में शुरू किया गया। इसके अलावा जनरल एविएशन टर्मिनल और ओपन एक्सेस फ्यूल फार्म भी चालू हो चुके हैं। टर्मिनल-2 के विस्तार पर जोर है, ताकि यात्री क्षमता और सुविधाएं बढ़ सकें। प्रस्तावित एकीकृत कार्गो टर्मिनल से कारोबार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
यात्रियों की सुविधा के लिए डिजी यात्रा, सेल्फ-बैगेज ड्रॉप और सीयूएसएस मशीनें लगाई गई हैं। साथ ही फास्टैग सुविधाएं और वाई-फाई कियोस्क भी शुरू किए गए हैं। जयपुर एयरपोर्ट उत्तर भारत के लिए महत्वपूर्ण डायवर्जन हब भी है। पर्यावरण के मोर्चे पर एयरपोर्ट पर शत-प्रतिशत नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग हो रहा है। इसे जल सकारात्मक (वाटर पॉजिटिव) मान्यता मिली है, जबकि एसीआई ग्रीन एयरपोर्ट अवॉर्ड में रजत सम्मान प्राप्त हुआ है। प्रबंधन का फोकस यात्री सुविधाओं के साथ कनेक्टिविटी और क्षमता बढ़ाने पर है। हालांकि एयरपोर्ट पर पार्किंग के साथ खान-पान और खरीदारी भी महंगी हो गई है।

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