मणिपुर में फिर व्यापक हिंसा, ताजा झड़पों में तीन की मौत; कुकी और नागा हथियारबंद गुट लगातार कर रहे एक दूसरे पर गोलीबारी
संवेदनशील इलाकों में धारा 162 लागू
इंफाल। मणिपुर में एक बार फिर व्यापक हिंसा भड़क गई है। मणिपुर के कामजोंग और उखरुल जिलों में हथियारबंद गुटों के बीच हुई नई झड़पों में तीन लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि नागा-बहुल कामजोंग जिले के कुकी-बहुल चसाड गांव में एक 22 साल के युवक और एक 42 साल की महिला की मौत हो गई। पांच बच्चों की मां उस महिला को शुक्रवार देर रात गर्दन के पास गोली मारी गई और कुछ ही मिनटों में उसकी मौत हो गई। उसकी हत्या के बाद कुकी और नागा हथियारबंद गुटों के बीच गोलीबारी शुरू हो गई। जो शनिवार सुबह तक जारी रही।
इसके बाद हुई झड़पों में उस युवक की मौत हो गई और इस दौरान 10 घरों में आग भी लगा दी गई। कुकी और नागा गुट लगातार एक दूसरे पर गोलीबारी कर रहे हैं। जिला प्रशासन ने और हिंसा को रोकने के लिए चसाड पुलिस गेट जंक्शन के 400 मीटर के दायरे में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 162 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है। इन प्रतिबंधों के तहत पांच या उससे अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर रोक है। उखरुल जिले की एक अलग घटना में 40 साल के संदीप राय की चेपू याओलेन के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई, जब संदिग्ध उग्रवादियों ने उनकी गाड़ी पर गोलीबारी की। अधिकारियों ने बताया कि जिस चार-पहिया वाहन को वह चला रहे थे, उसी के अंदर उनकी मौत हो गई। कांगपोकपी जिले के माकुई अशांग और टापोन में भी हथियारबंद गुटों के बीच भारी गोलीबारी की खबर है।
सुरक्षा बलों ने की जवाबी कार्रवाई
शुक्रवार देर रात सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात जवानों पर संदिग्ध कुकी सशस्त्र समूहों की ओर से गोलीबारी किए जाने के बाद टकराव शुरू हुआ। सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई की, जिसके बाद दोनों ओर से गोलीबारी शुरू हो गई। यह गोलीबारी शनिवार सुबह तक जारी रही। झड़पों में दोनों पक्षों के कई लोगों के घायल होने की खबर है। वहीं, चार घरों को भी आग के हवाले किए जाने की सूचना मिली है। हालांकि, हताहतों की संख्या और घायलों की स्थिति के बारे में अधिकारियों की ओर से अभी आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। इस साल फरवरी में कुकी और नागा समुदायों के बीच हिंसा शुरू होने के बाद से 40 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं और दर्जनों घरों में आग लगाई जा चुकी है। यह हिंसा मुख्य रूप से उखरुल, कामजोंग, कांगपोकपी, तामेंगलोंग और नोनी जिलों के साथ-साथ सेनापति जिले के कुछ हिस्सों में केंद्रित रही है।

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